बीजेपी-जदयू का तेजस्वी पर तीखा हमला, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर...


पटना : होली के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के जनता के बीच जाने के एलान पर विनय चौधरी ने कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि “अभी तो 25 सीटों पर थे जनता के बीच जाएंगे तो 2 से 5 सीटों पर आ जाएंगे” विनय चौधरी ने दावा किया कि जनता सब देख रही है और विपक्ष की राजनीति को समझती है.
शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर विनय चौधरी भड़क गए. उन्होंने कहा कि जो लोग शराबबंदी हटाने की बात करते हैं उन्हें गांवों में जाना चाह.“महिलाएं खपरी लेकर मारेंगी.” उनका कहना था कि शराबबंदी से महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और कानून “है और रहेगा.”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि समीक्षा का मतलब कानून खत्म करना नहीं है बल्कि इसे और प्रभावी बनाना है. सरकार समय-समय पर क्रियान्वयन की समीक्षा करती है ताकि पूर्ण रूप से लागू हो सके.
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के यूजीसी कानून संबंधी बयान पर विनय चौधरी ने तंज कसते हुए कहा “जब अपने समय में थे तो क्यों नहीं लागू किया? दूसरे के चुत्तर पर तबला चलते हैं अपने तबला चलावे तब समझ में आएगा.” उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया.
तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को “नाटकदार” और “अचेत” कहे जाने पर विनय चौधरी ने कहा कि विपक्ष अब भी इस उम्मीद में है कि Nitish Kumar उन्हें साथ ले लें. उन्होंने कहा, “यही हालत रहा तो उनकी स्थिति और खराब होने वाली है.
मंत्री लखेंद्र पासवान का भी पलटवार

इसी मुद्दे पर बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार से “हिसाब लेने” की बात करने से पहले तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के “जंगलराज” के शासन का हिसाब देना चाहिए.
मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि तेजस्वी यादव बिहार की जनता के इतने बड़े शुभचिंतक हैं तो विधानसभा के बजट सत्र से अनुपस्थित क्यों हैं. “जनता के लिए फुर्सत नहीं, तो हिसाब क्या लेंगे,” उन्होंने कहा.
मंत्री पासवान ने दोहराया कि शराबबंदी से महिलाओं को मजबूती मिली है और सरकार इसके पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सदन में इस विषय पर कई बार चर्चा हो चुकी है और सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. समीक्षा का उद्देश्य कानून को और सुदृढ़ करना है न कि उसे समाप्त करना.
4+