पटना (PATNA): बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) और भारतीय रेल वित्त निगम (IRFC), जो रेल मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है, ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण साझेदारी की शुरुआत की. पुराना सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत IRFC अपने CSR फंड से 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगा, जिसका उद्देश्य बिहार के सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला, रोजगार-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण देना है.
अंतरराष्ट्रीय मानकों के कोर्सों पर होगा फोकस
इस पहल के माध्यम से युवाओं को SAP ERP, CCNA नेटवर्किंग, विदेशी भाषा, और संचार कौशल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसका लक्ष्य युवाओं को देश के साथ-साथ वैश्विक रोजगार बाज़ार में अवसर दिलाना है.
स्किल पार्क की उपलब्धियाँ और प्रगति
BIPARD स्किल पार्क ने अपनी शुरुआत छह उद्योग-केंद्रित कोर्सों के साथ की थी—SAP सर्टिफिकेशन, CCNA नेटवर्किंग, जेरियाट्रिक केयरगिवर, फैशन डिज़ाइन, कमीस (शेफ), और बेकिंग टेक्नीशियन. 14 अप्रैल 2025 को शुरू हुए कार्यक्रमों ने कम समय में उल्लेखनीय प्रगति की है.
1 मई 2025 को स्किल पार्क के अकादमिक भवन का उद्घाटन किया गया. इसके बाद आयोजित राष्ट्रीय स्किल मीट में NITI Aayog के CEO बी. वी. आर. सुब्रह्मण्यम सहित देशभर के कई उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए. विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से संवाद किया और कार्यक्रम की सराहना की.

अब तक 585 उम्मीदवार नामांकित, 515 प्रशिक्षित, और 98 युवाओं को रोजगार मिल चुका है.
अत्याधुनिक सुविधाएँ, निःशुल्क प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता
पटना स्थित वाल्मी कैंपस में बना BIPARD स्किल पार्क अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है. यहां स्मार्ट क्लासरूम, लाइसेंस प्राप्त SAP सर्वर, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल उपलब्ध हैं.
BIPARD द्वारा सभी प्रशिक्षुओं को निःशुल्क आवास, भोजन, यूनिफॉर्म, प्रशिक्षण किट, वैश्विक सर्टिफिकेशन और AI एवं डेटा एनालिटिक्स मॉड्यूल उपलब्ध कराए जाते हैं. हर प्रशिक्षु को कम से कम तीन रोजगार अवसर सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी है.
IRFC और BIPARD की प्रतिक्रिया
IRFC अधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग बिहार में भविष्य की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने इसे राज्य की “2047 ग्लोबल टैलेंट विज़न” से जोड़ते हुए एक मील का पत्थर बताया.
BIPARD के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर ने IRFC के CSR सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे प्रशिक्षण सुविधाओं में विस्तार होगा, प्लेसमेंट दर बढ़ेगी और अधिक युवाओं को स्किल पार्क से जोड़ा जा सकेगा.
Thenewspost - Jharkhand
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