पटना : गौतम कृष्ण ने कहा कि यह बजट सिर्फ काग़ज़ी खानापूर्ति है और इसमें कोई प्रावधान नहीं है. गौतम कृष्ण ने कहा कि बिहार का बजट देश के केंद्रीय बजट की तरह है जिसमें बिहार के लोगों को निराशा हाथ लगी है. उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो उद्योग-धंधे की बात है और न ही रोजगार की बात है. आज भी मजदूर ट्रेन में भर-भर कर पलायन कर रहे हैं. यही है सरकार का रोजगार.
उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट
गौतम कृष्ण ने कहा कि बिहार के लोगों को उम्मीद थी कि इस बजट में उनके लिए कुछ खास होगा लेकिन यह बजट उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. उन्होंने कहा कि सरकार को बजट बनाने से पहले बिहार के लोगों की जरूरतों को समझना चाहिए था. गौतम कृष्ण ने कहा कि बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है लेकिन इस बजट में इन चीजों का कोई प्रावधान नहीं है.
बिहार के लोगों को निराशा हाथ लगी
उन्होंने कहा कि सरकार को बजट में बिहार के विकास के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ गौतम कृष्ण ने कहा कि बिहार के लोगों को इस बजट से निराशा हाथ लगी है और वे सरकार से जवाब मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को बिहार के लोगों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी जरूरतों को पूरा करना चाहिए. गौतम कृष्ण ने कहा कि आरजेडी इस बजट का विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि वह बिहार के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नया बजट लाए. उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को उम्मीद है कि सरकार उनकी आवाज सुनेगी और उनके लिए कुछ करेगी.
Thenewspost - Jharkhand
4+


