बिहार: एनडीए सरकार अचानक क्यों आ गई है विपक्षी दलों के निशाने पर,क्या पूछा जा रहा सवाल

    बिहार:  एनडीए सरकार अचानक क्यों आ गई है विपक्षी दलों के निशाने पर,क्या पूछा जा रहा सवाल

    TNP DESK- बिहार में एक बार फिर विपक्षी दल सक्रिय हो गए हैं . सवालों के पुलिंदा लेकर जनता के पास जा रहे हैं.  नीतीश कुमार की सरकार से लेकर सम्राट चौधरी की सरकार तक को वादे याद दिला रहे है.  पूछ रहे हैं कि महिलाओं से किए गए वादे का क्या हुआ? दरअसल पहले घोषणा की गई थी कि 6 महीने तक सरकार के कामकाज का वह इंतजार करेंगे, उसके बाद सवाल करेंगे।  इसी कड़ी में सवालों का सिलसिला शुरू हो गया है.  राष्ट्रीय जनता दल और जनसुराज  सवालों को लेकर सामने आया है.  

    20 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी

    दरअसल, 20 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी.  फिर 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनी।  दोनों मिलकर सरकार के 6 महीने पूरे होने के साथ ही विपक्षी दल सवाल पूछना शुरू कर दिए है. नीतीश कुमार 5 महीने तक सरकार का नेतृत्व किया, तो सम्राट चौधरी के भी सरकार चलाते  एक महीने हो गए है,  एनडीए सरकार के इस प्रकार 6 महीने पूरे होते ही तेजस्वी यादव का राष्ट्रीय जनता दल, प्रशांत किशोर की जनसुराज  पार्टी और मुकेश सहनी की वीआईपी  ने सवालों के साथ प्रहार शुरू कर दिया है. 

    तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर की पार्टी ने क्या किये सवाल 

     तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कहा था कि चुनाव में वोट के लिए महिलाओं को दस -दस हज़ार  रुपए दिए गए थे. लेकिन अब उन्हें दूसरी किस्त कब दी जाएगी, यह सरकार को साफ करना चाहिए।  इधर, जन  सुराज  के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बुधवार को एनडीए सरकार पर महिलाओं और मजदूरों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।  मनोज भारती ने कहा कि चुनाव के समय किए गए बड़े-बड़े वादे आज जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रहे है.  सरकार 5 साल में एक करोड़ रोजगार का वादा किया था.  इसका मतलब प्रतिदिन 5476 युवाओं को रोजगार मिलना था.  6 महीने में इसके मुताबिक नौकरियां मिल जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं मिली। 

    मुकेश सहनी की पार्टी भी पीछे नहीं 
     
    उन्होंने  BPSC TRE 4 का  का जिक्र करते हुए कहा  कि कहा गया था कि चुनाव से पहले नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।  लेकिन आज तक कोई घोषणा नहीं हुई.  आंदोलन करने पर केस दर्ज कराया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 2-2 लाख  रुपए का वादा अब चुनावी जुमला साबित हो रहा है.  बिहार पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है.  इधर, मुकेश सहनी की पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने सरकार पर महिलाओं से किए वादे को भूल जाने का आरोप लगाया है.  उन्होंने कहा है कि चुनाव के समय महिलाओं को ₹10,000 देकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे और यह भरोसा दिलाया गया था कि आगे चलकर महिलाओं को और 2 लाख तक दिए जाएंगे, लेकिन 6 महीने बीत  जाने के बाद भी सरकार वादे को पूरा करने में विफल साबित हुई है.



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