Bihar:क्यों बिहार की राजनीति बन गई है "चूं -चूं का मुरब्बा",जदयू भी क्यों है बड़े उलझन में ,आगे क्या?

    Bihar:क्यों बिहार की राजनीति बन गई है "चूं -चूं का मुरब्बा",जदयू भी क्यों है बड़े उलझन में ,आगे क्या?

    धनबाद(DHANBAD):बिहार की राजनीति चूं -चूं का मुरब्बा बन गई है. जब तक सबकुछ फाइनल नहीं हो जाता ,बनी रहेगी.पुराने इतिहास को देखते हुए नीतीश कुमार पर किसी का भरोसा जम  नहीं रहा है. बिहार में बदलाव के बयार  के बीच अटकलों  का बाजार भी गर्म है.  राजनीतिक गलियारों में सिर्फ एक ही चर्चा है कि नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और नया मुख्यमंत्री कौन होगा? इस बीच यह भी चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।  इसके बाद वह पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगें। 

    राजनीतिक गलियारों में तो मुख्यमंत्री के शपथ लेने  की तिथि भी चल रही----
     
    राजनीतिक गलियारों में तो मुख्यमंत्री के शपथ लेने  की तिथि भी चल रही है.  यह अतिथि 14अप्रैल के बाद बताई जा रही है लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हो रही है सूत्र बता रहे हैं कि 9 अप्रैल को नीतीश कुमार के दिल्ली जाने का कार्यक्रम है 10 अप्रैल को वह राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण कर सकते हैं ,फिर अगले दिन वह पटना लौटेंगे और फिर 12 अप्रैल को सीएम की कुर्सी से इस्तीफा देंगें।  बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर कोई फैसला सार्वजनिक नहीं हुआ है.  फिलहाल खरमास चल रहा है और 14 अप्रैल तक रहेगा।  हिंदू मान्यताओं के अनुसार खरमास में कोई शुभ और मांगलिक कार्य नहीं होते है.  मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा के कई नेताओं के नाम चल रहे हैं. 

    जदयू में भी कम नहीं है झमेला ------

     इधर, जदयू में तो नेतृत्व संकट बना हुआ है.   जदयू के लिए सत्ता में अस्तित्व बनाए रखना कम बड़ी चुनौती नहीं है.  शनिवार को जदयू दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है.  इस पोस्टर  में निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बताया गया है.  इस पोस्ट के जरिए यह भी डिमांड करने की कोशिश की जा रही है कि नीतीश कुमार के बाद निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए.पोस्टर में लिखा है नीतीश सेवक… मांगे निशांत… अगली लाइन में यह भी साफ किया गया है कि ‘अब नए चेहरे पर, क्‍यों करें विचार… अब ‘क्‍लाइमेट लीडर’ के संकल्‍पों को पूरा करने के लिए हैं तैयार… 

    जदयू नहीं चाहता कि सत्ता भाजपा के पास जाए -----

    सीधे सीधे इस पोस्‍टर के जरिए यह मांग की जा रही है कि बिहार की सत्ता की जिम्मेदारी निशांत कुमार को सौंपी जाए. यानी जेडीयू कार्यकर्ता नहीं चाहते कि बिहार के सत्ता की कमान बीजेपी के हाथ में जाए. दरअसल ,जदयू  में संकट है कि एक गुट  बिहार की सत्ता जदयू के कब्जे में ही चाहता है, जबकि दूसरा गुट  बीजेपी के साथ हो लिया है.  इसमें कौन नेता किसके साथ है, इसका खुलासा तो समय के साथ होगा।  फिलहाल जदयू के कार्यकर्ता भी खुलकर सामने नहीं आना चाह रहे हैं.  सवाल  बड़ा है कि नीतीश कुमार की अनुपस्थिति में क्या जदयू के नेता और कार्यकर्ता बिहार सरकार में अपना अस्तित्व बनाए रख पाएंगे??

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



    Related News