Bihar: "मां को गाली" को एनडीए बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने के मूड में तो महागठबंधन भी सवालों का पिटारा लेकर तैयार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए उन्होंने कहा है कि जब भाजपा के नेताओं द्वारा महिलाओं का अपमान किया जाता है, तब प्रधानमंत्री क्यों नहीं कुछ बोलते है.

    Bihar: "मां को गाली" को एनडीए बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने के मूड में तो महागठबंधन भी सवालों का पिटारा लेकर तैयार

    धनबाद(DHANBAD):  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले बिहार की राजनीति गरमाने  लगी है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली  दिए जाने के मामले पर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है. अब तो ऐसा लगने लगा है कि मां की गाली  ही एनडीए का मुख्य चुनाव मुद्दा हो सकता है.  प्रधानमंत्री का मंगलवार को दर्द छलकने और बिहार बंद  का ऐलान करने के बाद विपक्षी नेता भी सवाल करने लगे है.  राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि किसी की भी मां  को अपशब्द बोलना गलत है.  साथ में उन्होंने  यह भी कहा है कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के डीएनए पर सवाल उठाए गए और मुझे मां -बहन की गालियां दी गई, तब प्रधानमंत्री कहां थे.  तेजस्वी यादव ने बुधवार को पटना में कहा कि मां  तो मां होती है, मां शब्द से बड़ा सुकून मिलता है.  बेजुबानों की भी मां होती है.  हम लोग किसी की भी मां  को अपशब्द बोलने के पक्षधर नहीं है.  नहीं हमारे ऐसे संस्कार है. 

    तेजस्वी यादव यादव भी कूदे ,प्रधानमंत्री से किये सवाल 
     
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए उन्होंने कहा है कि जब भाजपा के नेताओं द्वारा महिलाओं का अपमान किया जाता है, तब प्रधानमंत्री क्यों नहीं कुछ बोलते है.  तेजस्वी यादव ने कहा है कि देश और बिहार की जनता सब कुछ जानती है.  दिखावटी और मिलावटी राजनीति को पहचानती है.   प्रधानमंत्री के मंगलवार को दिए गए भावनात्मक बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री जब तक विदेश में थे, तब तक ठहाके लगा रहे थे, जब भारत आए, तब उन्हें रोना याद आया.  मंगलवार को एक तस्वीर भी सामने आई थी.  जिसमें प्रधानमंत्री का  भावनात्मक भाषण सुनते-सुनते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर दिलीप जायसवाल भी भावुक हो  गए थे.

    मंगलवार को प्रधानमंत्री का छलका था दर्द 

     मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दर्द छलका.  उन्होंने कहा  कि गाली सिर्फ उनकी मां को नहीं, बल्कि देश की हर मां, बहन और बेटियों  को दी गई है.  यह देश की हर मां, बहन और बेटियों का अपमान है.  उन्होंने भोजपुरी में कहा कि  - बिहार में माई  के स्थान देवता -पितर  से भी ऊपर होला. माँ को गाली के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस और राजद को घेरा. एनडीए ने तो बिहार बंद का भी ऐलान कर दिया है.  बिहार में सोमवार को ही वोटर  अधिकारी यात्रा समाप्त हुई है.  1300 किलोमीटर की यात्रा महागठबंधन के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा करने के बाद पटना में इसे समाप्त किया.  इस यात्रा के बाद महागठबंधन के नेता गदगद है.  अपनी सफलता बता रहे है.  इधर, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले  मां की गाली  के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और आरजेडी पर जमकर निशाना साधा .  

    देश की सभी मां -बहनों का किया गया है अपमान 

    उन्होंने कहा  कि मेरी मां को गाली देकर राजद  और कांग्रेस ने सिर्फ मेरा नहीं ,बल्कि देशभर की मां और बहनों का अपमान किया है.  नवरात्र के दौरान माता के 9 स्वरूपों के साथ सत बहिनी की पूजा भी की जाती है.  इसके बाद छठ महापर्व आने वाला है.  प्रधानमंत्री ने कहा कि मां को गाली देने वालों को सत बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए.  वह मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीविका बैंक के शुभारंभ के मौके पर वर्चुअल संबोधन दे रहे थे.  उन्होंने आगे कहा कि बिहार की धरती में माँ  को सम्मान मिलता है.  यहां गंगा, कोसी ,गंडक, पुनपुन जैसी नदियों को मां के रूप में पूजा जाता है.  पूरी दुनिया की माता सीता बिहार की बेटी है.  मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही बिहार की पहचान है.  बता दे कि पिछले दिनों दरभंगा में वोटर   अधिकार यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली दी गई थी. 

    शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते 

    पीएम ने कहा कि जितनी पीड़ा मेरे दिल में है ,उतनी ही पीड़ा बिहार के लोगों को हुई है.  राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते है.  वे सोने के चम्मच लेकर पैदा हुए है.  उन्होंने कहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है.  उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रहा, बावजूद उनकी मां को  गालियां दी गई.  यह बहुत ही दुखदाई और कष्ट देने वाला है.  एनडीए   4 सितंबर को बिहार बंद  का ऐलान कर दिया  है.  4 सितंबर को भाजपा समेत एनडीए की सहयोगी दल सड़क पर उतरेंगे, यह  बंदी सुबह 7:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 तक रहेगी.  इमरजेंसी सेवाएं रेल आदि बंद के दौरान भी चालू रहेगी.  एनडीए घटक दलों की महिला मोर्चा के द्वारा यह निर्णय लिया गया है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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