बिहार: जाति आधारित गणना रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल, बीजेपी ने पटना में पोस्टर लगा कर किया गया विरोध  

    बिहार: जाति आधारित गणना रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल, बीजेपी ने पटना में पोस्टर लगा कर किया गया विरोध  

    पटना (PATNA) : बिहार में जाति आधारित गणना रिपोर्ट जारी करने के बाद सियासत भी तेज हो गई है. एक तरफ बिहार सरकार जिस बात को लेकर काफी खुश है तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टी इसपर सवाल उठा रही है. इसका विद्रोह इस प्रकार चल रहा है कि इसे लेकर अब बीजेपी पटना के अलग-अलग चौराहों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए गए हैं. ये पोस्टर भाजपा नेता कौशल कुशवाहा की ओर से लगवाए गए है. 

    पोस्टर पर लिखी ये बात 

    पटना में लगवाए गए इस पोस्टर में ऊपर लिखा गया है कि कुशवाहा विरोधी नीतीश तेजस्वी की सरकार, बिहार सरकार द्वारा जारी की गई जाति आधारित सूची भेदभाव , त्रुटि पूर्ण और कुशवाहा समाज की आबादी को कम दिखलाने की साजिश की गई है. जिसे हम पुरजोर विरोध करते हैं, केंद्र सरकार से मांग करते हैं की साजिश का पोल खोलने के लिए जल्द से जल्द सही जाति जनगणना करा कर सही आंकड़ा प्रस्तुत करें. कुशवाहा समाज के बेटा सम्राट चौधरी से तुम लोग इतना डर गए की जातीय जनगणना में ही घोटाला करवा दिया. 

    जानिए क्या कहता का आंकड़ा    

    जातीय जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से बिहार में पिछड़े वर्ग की आबादी-27 फीसदी, अत्यंत पिछड़ों की आबादी-36 फीसदी, अनुसूचित जनजाति-1.68 और अनुसूचित जाति की आबादी-18.65 है. यदि इन आंकड़ों को हम जातिवार देखने की कोशिश करें तो यादव-14 फीसदी, ब्राह्मण-3.36, राजपूत-3.45,भूमिहार-2.86, मुसहर-3,कुर्मी-2.87, मल्लाह- 2.60, कुशवाहा- 4.21, रजक-0.83, कायस्थ-0.060 है.


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