कटिहार(KATIHAR): कटिहार के कुरसेला परिक्षेत्र गंगा एवं कोसी के संगम तट पर स्थित होने के कारण मछली उत्पादन के लिए काफी ज्यादा चर्चित है. मछली पालन की असीम संभावनाएं बिहार ने कटिहार में व्याप्त हैं. वहीं इसको लेकर पूर्व मे भी जिला प्रशासन के द्वारा रिवर रेचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत मछली के बीज को भी गंगा एवं कोसी नदी में गिराया गया था. कटिहार के कुरसेला क्षेत्र के गंगा नदी से 40.500 किग्रावजन की एक बड़ी मछली मछुआरों द्वारा पकड़ी गई. इतनी विशालकाय मछली देखकर मछली मंडी में काफी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. विशालकाय बघार मछली पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही.
पढ़े किस प्रजाति की है मछली
संजय सिंह ने बताया कि गंगा नदी मे मछुआरे मछली पकड़ रहे थे, इसी दौरान मछुआरों की एक बड़ी मछली पर नजर नज़र पड़ी तब काफी मशक्कत से इस बड़ी मछली को पकड़ा गया. मछुआरों द्वारा पकड़ी गयी मछली का बघार प्रजाति की बताई जा रही है.
पढें कैसे किलो बेचा गया
बताया जा रहा है कि बड़ी मछली स्थानीय मछुआरों के हाथ आने से उनमें काफी खुशी देखी गई. कुरसेला हाट बाजार में 350 किग्रा. की दर से बेची गई.
Thenewspost - Jharkhand
4+


