शराबबंदी कानून पर घिरे बिहार के मंत्री, सवालों का दिया तीखा जवाब

    शराबबंदी कानून पर घिरे बिहार के मंत्री, सवालों का दिया तीखा जवाब

    पटना(PATNA):बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. आज एक कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री सह मद्य निषेध विभाग के मंत्री पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच घिरते नजर आए.पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि जब राज्य में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू है, तो फिर अवैध शराब की आपूर्ति कैसे जारी है और इसे रोकने में प्रशासन कितना सफल है.इस सवाल के जवाब में मंत्री ने सीधे स्थिति स्पष्ट करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का सहारा लिया उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में लगभग 2500 साल पहले हत्या को लेकर कानून बना था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वहां हत्या की घटनाएं नहीं होती.

    मंत्रीजी ने दिया तीखा जवाब

    उन्होंने आगे अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अपराध की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जैसे ट्रंप की दावत में गोली चलने की घटनाओं का जिक्र. शराबबंदी कानून पर उठ रहे सवालों को लेकर मंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इस कानून से दिक्कत है, वे अधिकतर वही लोग हैं जो शराब का सेवन करते है उन्होंने दावा किया कि इस कानून से खासकर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उनकी सुरक्षा व सामाजिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है.

    आखिर इस कानून से समस्या क्या है ?

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई गांवों में जाकर देखे तो साफ तौर पर समझ आएगा कि महिलाओं की जिंदगी में सुधार हुआ है.मंत्री ने सवाल उठाने वालों से पूछा कि आखिर उन्हें इस कानून से समस्या क्या है, और यह भी कहा कि विरोध करने वालों में कहीं न कहीं शराब सेवन की प्रवृत्ति हो सकती है.



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