टीएनपी डेस्क : बिहार में शराब माफियाओं ने सरकार को सीधी चुनौती दे दी है. 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन बिहार में कहा जाता है कि ऑन डिमांड डिलीवरी जारी है. बिहार के उत्पाद विभाग और पुलिस के होश तब उड़ गए , जब सचिवालय थाने के देश रत्न मार्ग में झोले में शराब की बोतले मिली। यह सब हुआ शुक्रवार की दोपहर में. यह सब शराब की बोतल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास से कुछ दूरी पर रखी हुई मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और झोले को जब्त कर लिया। कहा जा रहा है कि सभी महँगी ब्रांड की शराब बोतल थी. दरअसल, पुलिस को सूचना मिली कि वीआईपी इलाके में झोले में संदिग्ध वस्तु रखी है. सचिवालय थाना पुलिस पहुंची और उसे जब्त कर लिया।
झोले में रखकर फेंकी गई थी महंगी शराब की बोतलें
जब झोला खोला गया तो सबकी आंखें फटी रह गई. झोले में शराब की खाली बोतलों को लाकर रखा गया था. उसके बाद तो चर्चा छिड़ गई कि शराब माफियाओं ने सरकार को सीधी चुनौती दी है. पुलिस फुटेज खंगाल रही है और पता करने की कोशिश कर रही है कि शराब की खाली बोतल किसने लाकर फेंकी। पुलिस का कहना है कि शराब की खाली बोतले कहां से आई और किसने फेंकी है. इसकी छानबीन की जा रही है. इधर, बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड हुआ है. शराब कांड में पिछले दिनों 10 लोगों की जान जाने के बाद अब एक और युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है. पुलिस इस मामले में भी पूछताछ कर रही है.
मोतिहारी शराब कांड के बाद 14 पुलिस अधिकारी निलंबित
इधर, बताया जा रहा है कि मोतिहारी में हुई जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत के मामले में उत्पाद विभाग के 14 पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. शुक्रवार को इसका आदेश जारी हुआ. मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू शराबबंदी कानून लागू रहेगा। जो लोग कानून का का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यहां उल्लेखनीय है कि बाहर के जिलों से शराब तस्करी कर बिहार पहुंचाई जा रही है. धनबाद में अभी कुछ दिन पहले एक ऐसा ही चर्चित मामला पकड़ में आया था.
धनबाद में बिहार शराब ले जाने का पकड़ाया था एक चर्चित मामल
दरअसल, धनबाद से पटना जाने वाली गंगा दामोदर एक्सप्रेस के बोगी की सीलिंग को खोलकर उसमें शराब की बोतल रख दी गई थी. यह सब यार्ड में हुआ था. सूचना पर जब जांच पड़ताल हुई तो सबके होश उड़ गए. यह तो एक मामला है, वैसे भी लगातार बिहार में शराब पहुंचाने की सूचना मिलती रहती हैं. दरअसल, बिहार से बाहर के शराब माफियाओं ने अपना नेटवर्क प्रदेश में इस तरफ फैला लिया है कि अब उन्हें बाहर बैठे ही अपनी शराब की खपत बिहार में करने में सहूलियत हो रही है. यह अलग बात है कि बिहार विधानसभा तक में भी यह मामला उठ चुका है. लोगों ने आरोप लगाया है कि कहने के लिए तो शराब बंदी है, लेकिन बिहार में शराब की खपत जारी है. नीतीश कुमार की सरकार ने 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू किया था.

