TNP DESK- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अक्सर एक दूसरे के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी करते है. ऐसे में जब दोनों नेता एक साथ बातचीत करते दिखे, तो चर्चा होना बहुत ही स्वाभाविक है. फिलहाल सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच हुई बातचीत की सियासी गलियारों में खूब चर्चा है. जानकारी के अनुसार बिहार विधान परिषद में नवनिर्वाचित सदस्य के शपथ ग्रहण समारोह में दोनों नेताओं में बातचीत हुई. दोनों ने एक दूसरे से हाथ भी मिलाया, हालांकि यह बातचीत कुछ सेकंड की रही. महत्वपूर्ण बात यह है कि जब इस संबंध में तेजस्वी यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हम लोग पहले एक ही दल में थे.
दोनों में बातचीत भी हुई और अभिवादन भी
दरअसल, बिहार विधान परिषद में गुरुवार को बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट पर उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले राजद एमएलसी सोनू कुमार राय का शपथ ग्रहण कार्यक्रम था. विधान परिषद के सभापति ने सोनू राय को शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मौजूद रहे. मंच पर सभापति के एक तरफ सम्राट चौधरी तो दूसरी ओर तेजस्वी यादव बैठे थे. कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं में बातचीत हुई, दोनों एक दूसरे से हाथ मिलाया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर नमस्ते भी किया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब तेजस्वी यादव से पत्रकारों ने पूछा कि उनकी मुख्यमंत्री से क्या बात हुई, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि हम लोग पहले एक ही दल में थे.
सोनू राय जदयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को हराकर यह सीट जीती है
एमएलसी पद की शपथ लेने वाले सोनू राय जदयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को हराकर यह सीट जीती है. कन्हैया प्रसाद राधा चरण शाह के बेटे है. राधा चरण शाह ने विधायक बनने के बाद एमएलसी सीट खाली कर दी थी. जिस पर चुनाव हुआ. राजद ने यह सीट एनडीए से छीन ली है. दरअसल, मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत की चर्चा इसलिए भी तेज है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद तेजस्वी यादव और उनका दल एनडीए सरकार के खिलाफ आक्रामक है. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नेता प्रतिपक्ष ने बिहार में अपराध बढ़ने का दावा किया था. वह सम्राट सरकार पर जाति देखकर अपराधियों का एनकाउंटर करने का भी आरोप लगा चुके हैं. यह बात सच है कि सम्राट चौधरी भाजपा में आने के पहले आरजेडी में थे. वह राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री भी रहे थे.

