भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह जाएंगे राज्य सभा,देखिये बिहार में क्या बैठ रहा गणित!


TNP DESK-भोजपुरी "पावर स्टार" पवन सिंह लगातार चर्चे में हैं. पारिवारिक विवाद को लेकर तो उनकी चर्चा है ही, इधर, एक बार फिर उनकी चर्चा तेज है. इस बार इस उम्मीद की चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या पवन सिंह को राज्यसभा भेजा जाएगा? यह अलग बात है कि उपेंद्र कुशवाहा की सीट फंसी हुई दिख रही थी. लेकिन सूत्र दावा कर रहे हैं कि चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी माता रीना पासवान राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनेगी। ऐसे में यह खबर उपेंद्र कुशवाहा के लिए बहुत राहत देने वाली हो सकती है, बिहार में बीजेपी के पास 89 विधायक हैं और वह दो सीट आसानी से निकाल सकती है. 85 विधायक वाला जदयू भी दो सीट आराम से निकाल लेगा।
202 विधायकों वाले एनडीए को पांचवी सीट निकालने के लिए कुछ वोट की कमी हो सकती है. एनडीए को पांचवें सीट निकालने के लिए तीन वोट का जुगाड़ करना होगा। बीजेपी विपक्षी खेमे में थोड़ी कसरत करें ,तो वह पांचवीं सीट भी निकाल सकती है. एक संभावना यह भी है कि अगर विपक्ष कैंडिडेट नहीं दिया, तो एनडीए के पांचो उम्मीदवार चुनाव जीत सकते है. चुनाव तभी होगा, जब राष्ट्रीय जनता दल उम्मीदवार दे या फिर ओवैसी की पार्टी किसी को उम्मीदवार बना दे. अप्रैल महीने में बिहार की पांच राज्यसभा सीट खाली हो रही है. दो का फैसला पटना में हो सकता है, जो कि जदयू खाते की हैं और तीन पर फैसला बीजेपी दिल्ली में कर सकती है.
राज्यसभा के नियम के मुताबिक एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 वोट चाहिए। एनडीए में बीजेपी के पास 89, जदयू के पास 85, चिराग पासवान के पास 19, जीतन राम मांझी के पास पांच और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के पास चार विधायक हैं. 41 वोट के हिसाब से पांचवी सीट के लिए एनडीए को तीन वोट कम पड़ सकते हैं. वैसे, उपेंद्र कुशवाहा के साथ एक और पेंच है कि उनके मंत्री बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। हो सकता है कि उपेंद्र कुशवाहा को ऑफर दिया जाए कि या तो अपने बेटे को विधान परिषद का सदस्य बनवाइए या फिर राज्यसभा में आप खुद जाइये। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा क्या करेंगे, इस पर सबकी नजर है. देखना दिलचस्प होगा कि उपेंद्र कुशवाहा के भाग्य का फैसला क्या होता है?
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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