बाढ़ : अनुमंडल के रूपस गांव में अपने बीच विदेशी दूल्हे को देखकर सभी लोग हैरान हैं. गांव में चेक गणराज्य के दूल्हे के पहुंचते ही आस-पास के कई गांवों की भीड़ जुट गई. गांव में इस शादी की चर्चा इन दिनों हर तरफ है.
दरअसल यह अनोखी शादी भारतीय और वेस्टर्न कल्चर का अनोखा संगम है. दुल्हन के पिता शशिकांत 40 वर्ष पूर्व चेक गणराज्य में ही जाकर बस गए थे. उनकी बेटी ने चेक के ही एक युवक से शादी करने का फैसला किया. दोनों जोड़ों की शादी पहले वेस्टर्न कल्चर में चेक गणराज्य में संपन्न हुई थी. लेकिन दुल्हन के परिवार वालों की इच्छा थी कि भारतीय सनातन कल्चर में भी अग्नि के सात फेरे लेकर शादी की रस्में पूरी की जाएं.
फिर दूल्हे के कुछ अन्य रिश्तेदार भी उसके साथ रूपस गांव पहुंच गए. वेस्टर्न शादी के बाद वे अग्नि के सात फेरे लेने के लिए अपने गांव लौट आये. शादी में दूल्हा दुल्हन को आशीर्वाद देने के लिए भी दूर दूर से लोग पहुंचे. दोनों जोड़े शादी की रस्में पूरी कर फिर चेक लौटने की तैयारी में हैं.
Thenewspost - Jharkhand
4+

