पटना (PATNA): बिहार में एसिड अटैक पीड़ितों के लिए अब एक नई उम्मीद की किरण नजर आ रही है. दर्द और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे सर्वाइवर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है, जो उनके जीवन को नई दिशा देने की कोशिश करेगा.
महिला एवं बाल विकास निगम ने दिल्ली की छांव फाउंडेशन के साथ मिलकर एसिड अटैक सर्वाइवर्स के समग्र पुनर्वास के लिए एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की है. इस पहल के तहत राज्य के करीब 160 पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा, शिक्षा, कौशल विकास और स्थायी रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है.
इस साझेदारी के तहत 15 अप्रैल से 5 मई तक पटना के फ्रेजर रोड स्थित यूथ हॉस्टल में 20 दिवसीय विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस दौरान छांव फाउंडेशन की टीम सर्वाइवर्स से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जरूरतों का आकलन कर रही है. काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से पीड़ितों की समस्याओं को समझने और उन्हें बेहतर समर्थन देने की दिशा में काम किया जा रहा है.
कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करना है. महिला एवं बाल विकास निगम और छांव फाउंडेशन मिलकर एक ऐसा मजबूत और संवेदनशील तंत्र विकसित करना चाहते हैं, जिससे पीड़ित महिलाएं और बच्चे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक लौट सकें.
इस पहल को लेकर निगम की प्रबंध निदेशक बंदना प्रेयषी ने कहा कि एसिड अटैक सर्वाइवर्स अक्सर सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं. ऐसे में राज्य सरकार का लक्ष्य उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनाना और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है. इसके लिए कानूनी सहायता, बेहतर इलाज, मनोसामाजिक सहयोग और पुनर्वास की व्यापक व्यवस्था की जा रही है. यह पहल न केवल पीड़ितों के जीवन को नई दिशा देगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगी.


