बिहार में महिला मेगा जॉब फेयर में 6135 महिलाओं को मिला रोजगार,5.4 लाख का बड़ा पैकेज भी शामिल  

    बिहार में महिला मेगा जॉब फेयर में 6135 महिलाओं को मिला रोजगार,5.4 लाख का बड़ा पैकेज भी शामिल

    पटना(PATNA):बिहार में सरकार महिलाओं को सशक्त और आत्म निर्भर करने के दिशा में कई योजनाओं से जोड़ रही है. एक तरह उद्योग के लिए महिला सम्मान योजना दिया गया तो दूसरी तरफ महिला मेगा जॉब फेयर में 6135 महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया. जिससे अब एक नई पहचान के रूप में 6135 महिला दिखेंगी. मंगलवार को समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा ज्ञान भवन, पटना में आयोजित दो दिवसीय 'महिला मेगा जॉब फेयर-2026' में महिलाओं को रोजगार दिया गया.  यह कार्यक्रम "नये अवसर, नई पहचान, नया पंख, नई उड़ान" की थीम पर आधारित किया गया. पहला ऐसा मेगा आयोजन था जो पूर्ण रूप से केवल महिलाओं के लिए आयोजित किया गया.

    तुरंत मिल ऑफर लेटर

    इस दो दिवसीय मेले में राज्य भर से बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली.  इस जॉब फेयर के लिए लगभग 19,000 महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया था, जबकि ज्ञान भवन परिसर में कुल 11,586 महिलाओं की उपस्थिति दर्ज की गई.  विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा 6135 महिलाओं को रोजगार के अवसर (ऑफर लेटर) प्रदान किए गए.  इनमें सबसे अधिक नियुक्तियां हेल्थकेयर सेक्टर (लगभग 1250), टेक्सटाइल सेक्टर (1114) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर (लगभग 800) में हुईं.

    दूसरे जिले से आने वाली युवतियों के लिए विशेष व्यवस्था

    इस रोजगार मेले की बड़ी सफलता यह रही कि इसमें बिहार के सभी 38 जिलों से युवतियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.  दूर-दराज से आने वाली इन प्रतिभागियों की सुविधा के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई थी.  साथ ही, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी निगम द्वारा उन्हें हर संभव सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया गया ताकि उन्हें आयोजन स्थल तक पहुँचने में कोई कठिनाई न हो. कार्यक्रम को पूरी तरह से समावेशी (Inclusive) बनाते हुए, दिव्यांग (Handicapped) उम्मीदवारों के लिए विशेष और पर्याप्त इंतजाम किए गए थे.  ज्ञान भवन परिसर में उनकी सुविधा के लिए सहायकों (Staffs) के साथ उचित व्हीलचेयर की व्यवस्था उपलब्ध थी.  इस पूरे विशाल आयोजन के सुचारू और बाधारहित संचालन के लिए आयोजकों द्वारा सभी आवश्यक और पुख्ता प्रबंध किए गए थे.

    5.4 लाख का मिला पैकेज

    रोजगार के अवसरों की संख्या के साथ-साथ इस मेले में दिए गए वेतनमान भी मुख्य आकर्षण रहे.  मेले में चयनित युवतियों को औसत पैकेज (Average Package) 2,40,000 रुपये प्रति वर्ष का ऑफर दिया गया.  वहीं, कौशल और योग्यता के आधार पर उच्चतम पैकेज 5.4 लाख रुपये प्रति वर्ष तक गया, जो इस बात का प्रमाण है कि कॉरपोरेट जगत महिला प्रतिभाओं को उचित और सम्मानजनक अवसर देने के लिए तत्पर है.

    समापन समारोह  एवं नियुक्ति पत्र वितरण

    कार्यक्रम के द्वितीय एवं अंतिम दिन ज्ञान भवन के ऑडिटोरियम में एक भव्य समापन समारोह का आयोजन किया गया.  कार्यक्रम मदन सहनी,माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग की अध्यक्षता में की गई.  इस मौके  पर मुख्य अतिथि मिहिर कुमार सिंह, विकास आयुक्त, बिहार, सरकार,  कौशल किशोर (भा०प्र०से०), सचिव, युवा , रोजगार एवं कौशल विभाग एवं समाज कल्याण विभाग की सचिव,बंदना प्रेयषी मौजूद  रही.  

    इस आयोजन के माध्यम से अभी तक 6000 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया गया. जिसमें सबसे अधिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 1228 महिलाओं को नियुक्त किया गया.

    दो दिनों की गतिविधियों और सफलताओं को दर्शाने वाली एक विशेष लघु फिल्म (वीडियो) का प्रदर्शन किया गया.  मंच से मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा 15 नवनियोजित महिला अभ्यर्थियों (जिनमें सोनी कुमारी, आरज़ू कुमारी एवं अन्य शामिल थीं) को नियुक्ति पत्र सौंपे गए.

    इस मौके पर  मेले में अधिकतम रोजगार और मानदेय देने वाले 03 प्रमुख नियोक्ता संस्थानों को सम्मानित किया गया:

    • मेडिमिक्स हेल्थकेयर प्रा. लि.: मेले का सर्वाधिक पैकेज (5.4 लाख रुपये प्रति वर्ष) प्रदान करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित।
    • 2050 हेल्थकेयर: 400 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने के लिए।
    • फ्लिपकार्ट: 150 से अधिक महिलाओं का चयन करने के लिए।

    इसके साथ ही, मेले में 700 से अधिक अभ्यर्थियों को लाने वाले प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान LNJ टेक्नोलॉजी सहित तीन एजेंसियों को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया.

    अपने स्वागत संबोधन में बंदना प्रेयषी ने आयोजन की सफलता को 'अभूतपूर्व' बताया.  उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि युवतियों ने न केवल पारंपरिक क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त किया, बल्कि ऑटोमोबाइल जैसे पुरुष-प्रधान माने जाने वाले क्षेत्रों में भी नौकरी हासिल कर रूढ़ियों को तोड़ा है.

    महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी

    सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, कौशल किशोर ने अपने संबोधन में इस आयोजन को बाधाओं को तोड़ने वाला एक मील का पत्थर करार दिया.  वहीं, विकास आयुक्त, बिहार सरकार, मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि बिहार की श्रम बल भागीदारी दर (Labour Force Participation Rate) में सुधार के लिए हर सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है.  उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन हर महीने किया जाना चाहिए.

    समारोह के मुख्य अतिथि  मंत्री, समाज कल्याण विभाग मदन सहनी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के समान अवसर प्रदान किए जा रहे हैं.  यह रोजगार मेला उसी दिशा में एक ठोस और सफल कदम है.

    कार्यपालक निदेशक, महिला एवं बाल विकास निगम, योगेश कुमार सागर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस ऐतिहासिक दो दिवसीय महिला मेगा जॉब फेयर का विधिवत समापन हुआ.



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