कौन है नक्सलियों का सबसे बड़ा कमांडर देवा ! जिसके हथियार डालने से खत्म हो गया लाल आतंक
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TNPDESK: लंबे इंतजार के बाद आखिर कार माओवादियों का सबसे बड़ा कमांडर बरास देवा ने हथियार डाल कर मुख्यधारा में लौट गया. इसके साथ 48 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है. इसमें बरास देवा के दस्ते के 22 और तेलंगाना स्टेट कमिटी के कंकनाला रेड्डी उर्फ वेंकटेश के दस्ते के 26 कमांडरों ने आत्म समर्पण कर दिया. तेलंगाना पुलिस के पुलिस महानिदेशक के सामने सभी ने हथियार डाला है. साथ ही अन्य नक्सलियों से अपील की है कि अब जंगल का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौट जाए.
बरास देवा बस्तर इलाके के सक्रिय था. इसकी उम्र 48 साल है. कई दशकों से नक्सलियों के दस्ते में शामिल है. कुछ दिन पहले ही माओवादियों ने इसे बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बनाया था. साथ ही दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख कैडर की जिम्मेवारी थी. बरास देवा सुकमा जिले के एक छोटे से आदिवासी गाँव पुवर्ती का रहने वाला था. और माना जाता है कि हिडमा का सबसे करीबी में से एक है. इसके पीछे की कहानी साफ है कि हिडमा के गाँव का ही देवा है और एक साथ दोनों पले और बड़े हुए थे.
ऐसे में अब देवा के मुख्यधारा में लौटने के बाद बस्तर इलाके में नक्सलियों के नेतृत्व का सफाया हो गया. खास कर बटालियन पूरी तरह से अब नेतृत्व विहीन हो गया. अगर देखे तो बटालियन ही बड़े हमले को अंजाम देता है. नक्सलियों की इसी विंग ने कई बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. झिरम घाटी नरसंहार से लेकर 72 CRPF जवानों की शहादत में सीधे तौर पर इसके बटालियन का हाथ रहा है. जब भी एंबुज लगा कर घातक हमला हुआ है उसे बटालियन ही अंजाम देती है. लेकिन अब बटालियन का प्रमुख ही मुख्यधारा में लौट गया.इसके आतंक को देख कर 50 लाख का पुलिस ने इनाम रखा था.
तेलंगाना के हैदराबाद पुलिस महानिदेशक के सामने देवा ने आत्म समर्पण किया है. इस दौरान नक्सली अपने साथ हथियार लेकर भी पहुंचे थे. जिसमें अमेरिकी हथियार से लेकर इजराइली तक शामिल है. साथ ही AK47 जैसे हथियार शामिल है.देवा ने हथियार डालने के साथ ही माइक पर खुद अपील किया कि मुख्यधारा में लौट जाए. जंगल में अब लड़ाई संभव नहीं है. लोकतान्त्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का काम करेंगे.
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