jharkhand political crisis : पुराने पर भरोसा दूसरे विधायकों की उपेक्षा, क्या कांग्रेस ने कैश कांड में दागी विधायकों को सिखाया सबक?

    jharkhand political crisis : पुराने पर भरोसा दूसरे विधायकों की उपेक्षा, क्या कांग्रेस ने कैश कांड में दागी विधायकों को सिखाया सबक?

    रांची (TNP Desk) : झारखंड में चंपाई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुए 24 घंटे भी नहीं हुआ कि राज्य में सियासी संकट गहराने लगा. मंत्री नहीं बनने पर कांग्रेस के 12 विधायक नाराज हो गए. कांग्रेस के नाराज विधायक बिरसा चौक में स्थित रासो होटल में बैठक कर रहे हैं. इस बीच खबर सामने आयी है कि नवनियुक्त मंत्री व हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन होटल पहुंचकर विधायकों को मनाने में लगे हुए हैं. 

    दागी विधायकों को कांग्रेस ने किया किनारा, पिछली बार कैश कांड में आया था नाम

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी ने पुराने मंत्रियों पर ही भरोसा इसलिए जताया कि क्योंकि जो विधायक अभी नाराज चल रहे हैं उसमें कुछ विधायक कैश कांड में फंसे थे. इसी वजह से इन विधायकों को पार्टी ने किनारा कर दिया. कांग्रेस अभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. इसलिए उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया. बता दें कि कोलकाता जाने के क्रम में कांग्रेस के तीन विधायकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उनके कार से करीब 50 लाख कैश बरामद हुए थे. जिनकी गिरफ्तारी हुई थी उनमें इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी शामिल थे.  गिरफ्तारी के बाद बेरमो विधायक अनूप सिंह उर्फ कुमार जयमंगल ने अरगोड़ा थाना में जीरो एफआईआर दर्ज कराया था. हालांकि इस दौरान कुमार जयमंगल, रामाशंकर अकेला और अंबा प्रसाद पर भी आरोप लगे थे. इसी वजह से कांग्रेस ने नए मंत्रिमंडल में इन विधायकों को शामिल नहीं किया और  पुराने पर ही भरोसा जताया. ये वहीं विधायक हैं जो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बागी हुए हैं. 

    पुराने मंत्रियों पर भरोसे के बाद कांग्रेस में घमासान

    दरअसल पुराने मंत्रियों पर भरोसे के बाद कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. पार्टी लोकसभा चुनाव को देखते हुए किसी तरह की रिस्क नहीं लिया. इस वजह से कांग्रेस के कुछ विधायक नाराज हो गए. कहा ये भी जा रहा है कि इस सियासी तूफान की कहानी पहले ही लिख गई थी. जब चंपाई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था. उससे कुछ घंटे पहले कांग्रेस के विधायकों ने ड्रामा करना शुरू कर दिया. इनलोगों का कहना था कि मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किया जाए, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेता ने उनकी बातों को नहीं माना और पुराने चेहरों पर ही दांव खेला. यहीं से 12 विधायकों की नाराजगी शुरू हो गई.

    नाराज विधायकों ने बैठक कर बनाई रणनीति 

    जानकारी मिली है कि कांग्रेस के 12 बागी विधायक बिरसा चौक के रासो होटल में गुप्त बैठक कर रही है. बैठक में क्या रणनीति इनलोगों ने बनाई है उसकी जानकारी तो नहीं मिली है. लेकिन इतना कह सकते हैं कि अगर कांग्रेस के 12 विधायक बागी हो गए तो राज्य में सियासी संकट को कोई भी टाल नहीं सकता है. वहीं सियासी संकट के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार चंपाई सोरेन की दिल्ली यात्रा है. सीएम चंपाई के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी गए हैं. जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे. अब देखना होगा कि चंपाई सरकार सियासी संकट से कैसे उबर पाती है. 


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