लव, अफेयर और कत्ल मामले में महिला दरोगा गिरफ्तार,भोजपुर के दो साल पुराने घटना में CBI की कार्रवाई
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भोजपुर(BHOJPUR): भोजपुर जिले के लापता आईसीडीएस के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कमलेश राय के अपहरण मामले की जांच में अब नया मोड सामने आया है. सीबीआई ने केस के अनुसंधान के बीच अब महिला दरोगा को गिरफ़्तार कर लिया.
गिरफ्तार दारोगा अंजली कुमारी 2019 बैच की अधिकारी हैं. सीबीआई की शुरुआती जांच में शिक्षक और महिला दरोगा के बीच कथित प्रेम संबंध की बात सामने आई है. इतना ही नहीं, इस मामले में त्रिकोणीय प्रेम-प्रसंग की भी आशंका है.
सूत्रों के मुताबिक, करीब दस दिन पहले बक्सर से एक युवक रूपेश कुमार चौबे को भी गिरफ्तार किया गया था, जो महिला दरोगा के संपर्क में था और उससे प्रेम करता था. सीबीआई को संदेह है कि इसी प्रेम विवाद के चलते आईसीडीएस के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कमलेश राय का पहले अपहरण और फिर हत्या कर दी गई. हालांकि, एजेंसी ने साफ किया है कि अब तक हत्या का कोई ठोस सबूत बरामद नहीं हुआ है, लेकिन तकनीकी साक्ष्य और ऑडियो क्लिप जांच को नई दिशा दे रहे हैं. गिरफ्तार महिला दरोगा आरा के नवादा थाना क्षेत्र के अनाइठ मोहल्ला की रहने वाली है और वर्तमान में लखीसराय जिले में पदस्थापित थी.
सीबीआई के बिहार-झारखंड संयुक्त निदेशक राजीव रंजन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. एजेंसी ने प्रारंभिक तकनीकी सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की है. सीबीआई महिला दरोगा को कोर्ट में पेश करेगी,जहां से उसे रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी. गौरतलब है कि यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है.
लापता आईसीडीएस के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कमलेश राय,भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत कोल्हरामपुर गांव के निवासी थे. वे आरा शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और घटना से करीब 5 माह पहले वह आईसीडीएस में संविदा पर आरा सदर के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थे जिसके बाद वो सेवा मुक्त कर दिया गया था।.
13 जुलाई 2023 को वे अपने एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने बाइक से महुली घाट गए थे, लेकिन उसके बाद कभी घर नहीं लौटे. अगले दिन परिजनों ने बड़हरा थाने में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी. स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आहत परिवार ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इसके बाद 28 फरवरी 2024 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, और अब एक साल बाद महिला दरोगा की गिरफ्तारी से मामले की कई परतें खुलने लगी हैं.
बताया जाता है कि इस दौरान रेलवे ट्रैक पर मिले एक अज्ञात शव से भी केस सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन परिजनों ने उसे कमलेश राय का शव मानने से इनकार कर दिया था. फिलहाल, सीबीआई सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.
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