बिहार: स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, मां के इलाज के लिए नाबालिग बेटे ने लगायी किडनी की बोली

    बिहार: स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, मां के इलाज के लिए नाबालिग बेटे ने लगायी  किडनी की बोली

    पटना(PATNA)- यह हैरत अंगेज कहानी बिहार के गया जिले से आ रही है. खबर यह है कि गया जिले के दीपांशु ने अपनी बीमार मां के इलाज के किडनी की बोली लगा दी है. उसका कहना है कि कोई भी उसकी मां का इलाज करवा दे, इसकी कीमत पर वह अपनी किडनी की बिक्री देकर पूरा करेगा, लेकिन किसी भी हालत में वह मासूम पैसे की तंगी के कारण अपनी मां को खोना नहीं चाहता. इस खबर को सामने आते ही दीपांशु सोशल मीडिया की सुर्खियां बन गया है. लोग ना सिर्फ दीपांशु के इस जज्बे और मां के प्रति उसके समर्पण की प्रशंसा कर रहे हैं बल्कि सीएम नीतीश को टैग को दीपांशु के लिए मदद की गुहार भी लगा रहे हैं.

    बचपन से ही उठ गया है सर से पिता का साया

    दरअसल बामुश्किल 17 वर्ष के दीपांशु के सर से उसके पिता का साया कई वर्ष पहले ही उठ चुका है. पिता की इस असामयिक मौत के बाद उसके नाजूक कंधों पर अपनी मां और बहन की जिम्मेवारी आ पड़ी, और वह दो जून की रोटी की तलाश में झारखंड की राजधानी के लिए निकल पड़ा. रांची पहुंच कर उसने कई कामों में अपना हाथ आजमाने की कोशिश की, लेकिन इस नाबालिग को कोई भी काम देने को तैयार नहीं था, आखिरकार वह छोटे मोटे होटलों में काम करना शुरु किया. इस काम से उसे जो भी थोड़े पैसे मिलते वह उसे अपनी मां और बहन को भेजता रहता, ताकि उसके घर में चुल्हा जल सकें.

    नियती को लेनी थी अभी और परीक्षा

    लेकिन नियती को दीपांशु का अभी और भी परीक्षा लेनी थी. कुछ दिन पहले उसकी मां अचानक से गस खाकर गिर पड़ी और उसका पैर टूट गया, स्थानीय डाक्टरों के द्वारा किसी बड़े संस्थान में दिखालने की सलाह दी गयी, लेकिन होटल में काम करने वाले दीपांशु के बाद पैसे नहीं थें, थक-हार कर दीपांशु रिम्स अस्पताल पहुंचा और अपनी मां के इलाज के लिए चिकित्सकों से गुहार लगाने लगा, इस बीच न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ विकास की उस पर नजर पड़ी, उनके द्वारा उस मासूम की परेशानियों को समझने की कोशिश की गयी, कुछ प्यार के शब्द बोलकर डॉ विकास ने उसके मन को ढांढस बंधाया, उसे हिम्मत देने की कोशिश की, जिसके बाद दीपांशु बिलख बिलख कर रोने लगा और डॉ विकास से किसी भी कीमत पर अपनी मां की चिकित्सका करने का गुहार लगाने लगा.

    डॉ विकास ने उसकी कहानी को सोशल मीडिया पर किया अपलोड

    हालांकि डॉ विकास ने उसे यह समझाने की कोशिश की वह न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सक है, वह हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है, उसकी मां का इलाज बिहार में ही किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ के द्वारा किया जा सकता है, लेकिन दीपांशु का कहना था कि वह बिहार में पूरी कोशिश कर चुका है, लेकिन वहां बगैर पैसे के कोई उसकी मां को इलाज करने को तैयार नहीं है. जिसके बाद डॉ विकास ने उसके साथ की गयी बातचीत को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया और लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरु हो गयी.


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