हेमंत से तकरार, लेकिन भाजपा से इंकार, एक अबूझ पहेली बनती जा रही है लोबिन हेम्ब्रम की राजनीति

    हेमंत से तकरार, लेकिन भाजपा से इंकार, एक अबूझ पहेली बनती जा रही है लोबिन हेम्ब्रम की राजनीति

    रांची(RANCHI)- आदिवासी मूलवासी मुद्दों को लेकर लगातार अपनी ही सरकार को निशाने पर लेते रहे लोबिन हेम्ब्रम ने अपने चिरपरिचित आवाज में एक बार फिर से सीएम हेमंत को निशाने पर लिया है. हेमंत सरकार की नाकामियों की एक लम्बी फेहरिस्त सामने रखते हुए लोबिन हेम्ब्रम ने कहा है कि 1932 के मुद्दे को लेकर अर्जुन मुंडा की सरकार गिराने वाले हेमंत सोरेन को इस बात का जवाब भी देना होगा कि इन तीन वर्षों में उनकी सरकार की उपलब्धियां क्या रही? इस सरकार को कम से कम अपनी एक सफलता तो गिनवानी चाहिए?

    हेमंत सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया

    लोबिन ने कहा कि हेमंत सोरेन ने अब तक अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया है, यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है, सीएनटी-एसपीटी एक्ट हो या पेसा कानून या फिर 1932 का खतियान, ये सारे मुद्दे आज भी अनसुलझे हैं, ना तो युवाओं को नौकरियां मिली और ना ही बेरोजगारों को रोजगारी भत्ता, हेमंत के सारे वादे आज भी हवा में लटक रहे हैं और राज्य की जनता उसे टकटकी निगाह से देख रही है.

    हेमंत सरकार को लोबिन की चेतावनी 

    सरकार को चेतावनी देते हुए लोबिन ने कहा कि यदि इसके बावजूद भी हेमंत सोरेन अपने वादे को पूरा करने की दिशा में पहल की शुरुआत नहीं करते हैं, तब उन्हे भोगनाडीह में एक राजनीतिक विस्फोट के लिए तैयार रहना होगा. लोबिन ने साफ किया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सीएम हेमंत सोरेन के कार्यक्रम के समानान्तर सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा और यह राजनीति विस्फोट भी उसी मंच पर होगा.

    आजपा भाजपा नहीं, जनता के बीच जायेगें लोबिन

    भाजपा में शामिल होने की सारी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए लोबिन ने कहा कि हम कोई आजपा भाजपा में शामिल होने या फिर अपनी कोई राजनीतिक पार्टी  बनाने नहीं जा रहे हैं, हम जनता के बीच जा रहे हैं, वही हमारी मालिक है, हम तो उनका आवाज भर हैं, हम यह आवाज अपनी ही पार्टी में ही उठायेंगे, और हर  बार पार्टी को उसके घोषणा पत्र की याद दिलवाते रहेंगे. यह सारी मांगे झामुमो के घोषणा पत्र का हिस्सा है, हम तो सिर्फ इसे पूरा करने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए हम किसी दूसरी पार्टी के दरवाजे पर क्यों जाये. बावजूद इसके यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती है, झामुमो को घोषणा पत्र में जिन मुददों को स्थान दिया गया, जो वादे किये गये हैं, यदि उसे पूरा नहीं किया जाता है तो 30 जून को भोगनाडिह में विस्फोट होना तय है.


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