TNP DESK- सर्दियों का मौसम आते ही दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर स्ट्रोक (Brain Stroke) के मामलों में ठंड के मौसम में इजाफा देखा जाता है. डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्दियों में शरीर में होने वाले कुछ बदलाव स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देते हैं.
सर्दियों में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ता है
न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे ब्रेन की नसों पर दबाव पड़ता है. ठंड के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह धीमा हो सकता है.
शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ता है, क्योंकि प्यास कम लगती है.
फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है.
एक्सपर्ट बताते हैं कि ये सभी कारण मिलकर ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा देते हैं, खासकर बुजुर्गों, हाई BP और डायबिटीज के मरीजों में.
स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान से जान बचाई जा सकती है.
स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं
अचानक चेहरे, हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन
बोलने या समझने में परेशानी
एक आंख या दोनों आंखों से ठीक से न दिखना
तेज सिरदर्द या चक्कर आना
ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
सर्दियों में स्ट्रोक से कैसे बचें?
हेल्थ एक्सपर्ट्स सर्दियों में स्ट्रोक से बचाव के लिए ये उपाय अपनाने की सलाह देते हैं:
ब्लड प्रेशर और शुगर नियमित चेक करें
ठंड से बचाव के लिए शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक जरूर करें
नमक और तले-भुने खाने से बचें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें
डॉक्टरों के मुताबिक, “सर्दियों में थोड़ी सी लापरवाही भी स्ट्रोक का कारण बन सकती है. सही लाइफस्टाइल और समय पर इलाज से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
