जहानाबाद(JAHANABAD): बिहार की राजनीति में फिर से एक बार जीतन राम मांझी चर्चा में है. जीतन राम मांझी को अब उनके बेटे और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने ही नसीहत दे दी. और साफ कहा कि मर्यादा में रहे तो पार्टी के लिए बेहतर रहेगा.
दरअसल संतोष सुमन जहानाबाद सर्किट हाउस पहुंचे. और इसी जगह अपने कार्यक्रम के दौरान ही मंच से पिता और पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी को संगठनात्मक मर्यादा में रहने की सलाह दी है. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है.
मीडिया से बातचीत के दौरान संतोष कुमार सुमन ने कहा कि जीतन राम मांझी पार्टी के संरक्षक हैं और संगठन के विस्तार को लेकर उनकी इच्छाएं स्वाभाविक हैं. उनका अनुभव और योगदान पार्टी के लिए मार्गदर्शक रहा है, लेकिन किसी भी संवेदनशील मुद्दे को पार्टी के उचित मंच पर ही रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों को मीडिया या सार्वजनिक मंच के माध्यम से उठाने से परहेज करना बेहतर होगा.
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व जहानाबाद दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यसभा की एक सीट को लेकर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी थी, जो काफी वायरल हुई. इससे पहले भी वे एनडीए के घटक दलों और हाल के दिनों में उपेंद्र कुशवाहा को लेकर बयान देते रहे हैं, जिससे सहयोगी दलों के बीच असहजता की चर्चाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में संतोष सुमन का यह बयान पार्टी के भीतर संवाद, संयम और अनुशासन पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बातचीत के दौरान सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि गया और जहानाबाद में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं. गया में औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में जहानाबाद को मेट्रो परियोजना से जोड़ने को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. इसके अलावा, मगध क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
कुल मिलाकर, संतोष सुमन के इस बयान को जहां एक ओर पारिवारिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर ही मुद्दों को सुलझाने का स्पष्ट संदेश भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.