टीएनपी डेस्क (TNP DESK): ट्रेन यात्रा के दौरान अधिक सामान ले जाने वालों के लिए अब सतर्क होने का समय आ गया है. भारतीय रेलवे ने तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने के नियमों को फिर से सख्ती के साथ लागू करने की योजना बनाई है. रेलवे अधिनियम 1989 के अंतर्गत पहले से मौजूद प्रावधानों को चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग रेल मंडलों में लागू किया जाएगा. यह व्यवस्था 2025 के अंत तक प्रभावी हो सकती है.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को अपनी यात्रा श्रेणी के अनुसार निर्धारित वजन तक ही सामान बिना शुल्क ले जाने की अनुमति होगी. तय सीमा से अधिक सामान रखने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा. वहीं, बिना बुकिंग के ज्यादा सामान लेकर सफर करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
रेलवे की ओर से मुफ्त सामान ले जाने की सीमा तय की गई है. सेकंड क्लास में 35 किलो तक सामान मुफ्त ले जाया जा सकेगा, जबकि अतिरिक्त शुल्क देकर अधिकतम 70 किलो तक ले जाने की अनुमति होगी. स्लीपर क्लास में यह सीमा 40 किलो और शुल्क के साथ 80 किलो तक है. एसी 3 टियर और चेयर कार में 40 किलो, एसी 2 टियर और फर्स्ट क्लास में 50 किलो तक सामान मुफ्त रहेगा, जबकि शुल्क देकर 100 किलो तक ले जाया जा सकेगा. एसी फर्स्ट क्लास में 70 किलो तक मुफ्त और अधिकतम 150 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति होगी.
अधिक सामान ले जाने के लिए यात्रियों के पास दो विकल्प होंगे. वे या तो कोच में रखे अतिरिक्त सामान पर तय दर से लगभग डेढ़ गुना शुल्क दें, या फिर सामान को ब्रेक वैन में बुक कराकर भेजें. बिना बुकिंग तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाते पकड़े जाने पर सामान शुल्क के अलावा छह गुना तक जुर्माना भी वसूला जा सकता है.
रेलवे का मानना है कि इस कदम से कोचों में अव्यवस्था कम होगी, यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और डिब्बों को सामान रखने की जगह बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी. साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को बेहतर किया जा सकेगा.
