टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आज के समय में आधार कार्ड बैंक से लेकर एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन यहाँ तक की स्कूल में अनिवार्य है. आधार कार्ड ही वह दस्तावेज़ है जो आपकी पहचान बताता है और लगभग हर सरकारी, गैर सरकारी, निजी या अफिशल कामों में जरूरी भी होता है. वहीं दूसरी ओर पैन कार्ड भी अहम दस्तावेज़ों में से एक है, जिन्हें कई जरूरी जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अब पैन-आधार लिंक की अंतिम तारीख नजदीक आ चुकी है और देशभर के करदाताओं के लिए जल्द पैन से आधार कार्ड लिंक करना जरूरी है. अगर 1 जनवरी 2026 तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया गया, तो पैन निष्क्रिय हो जाएगा.
ऐसे में जिन लोगों का आधार 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले बना है, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक पैन-आधार लिंक कराना अनिवार्य है. तय समय में लिंक नहीं कराने पर पैन काम करना बंद कर देगा, जिससे बैंकिंग और टैक्स से जुड़े कई जरूरी काम अटक सकते हैं.
पैन-आधार लिंक करना क्यों जरूरी है
पैन को आधार से जोड़ना बेहद जरूरी है. अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं. सबसे पहले आप आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे. बैंक खाते से जुड़े कई जरूरी काम और बड़े लेनदेन भी रुक सकते हैं. म्यूचुअल फंड, शेयर, बॉन्ड और बीमा जैसी योजनाओं में निवेश करना भी मुश्किल हो जाएगा.
इसके अलावा पर्सनल लोन, होम लोन या अन्य किसी भी तरह के लोन के लिए आवेदन करने में दिक्कत आएगी. अगर पैन निष्क्रिय हो गया, तो आपकी आय पर ज्यादा दर से TDS कट सकता है, जिससे सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगा.
पैन को आधार से कैसे लिंक करें
पैन-आधार लिंक करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं.
होमपेज पर “Link Aadhaar” विकल्प पर क्लिक करें.
इसके बाद पैन नंबर, आधार नंबर और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी भरें.
मोबाइल पर आए OTP को दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा करें.
अगर आपका पैन पहले से निष्क्रिय हो चुका है, तो उसे लिंक कराने के लिए 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा. भुगतान के बाद “Quick Links” में जाकर “Link Aadhaar Status” से स्थिति भी जांची जा सकती है.
31 दिसंबर तक लिंक नहीं किया तो क्या होगा
इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, तय तारीख तक पैन-आधार लिंक नहीं करने पर पैन निष्क्रिय हो जाएगा. इसके बाद आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकेगा और अधिक टैक्स देने पर भी रिफंड नहीं मिलेगा. TDS और TCS ज्यादा दर से काटा जाएगा. फॉर्म 15G और 15H मान्य नहीं रहेंगे. डिमैट अकाउंट खोलने और शेयर बाजार से जुड़े लेनदेन में परेशानी होगी. बैंक खाते के संचालन और बड़े लेनदेन पर भी रोक लग सकती है. साथ ही पर्सनल, ऑटो, एजुकेशन और होम लोन के लिए आवेदन करना भी कठिन हो जाएगा.
