टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : इन दिनों देशभर में G RAM G Bill को लेकर चर्चा तेज़ है. लोकसभा में पेश किए गए इस नए ग्रामीण रोजगार कानून ने राजनीतिक हलकों से लेकर आम लोगों तक का ध्यान खींचा है. वजह साफ़ है कि यह बिल करीब दो दशक पुराने मनरेगा (MGNREGA) की जगह एक नया ढांचा लाने का प्रस्ताव करता है.
क्या है नया ग्रामीण रोजगार कानून?
लोकसभा में पेश इस विधेयक का पूरा नाम है-विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)–VB-G RAM G बिल, 2025. सरकार का कहना है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न से जोड़ते हुए उसे ज़्यादा आधुनिक, प्रभावी और टिकाऊ बनाएगा.
समझिए मनरेगा से कैसे अलग है VB-G RAM G?
- नया कानून रोजगार गारंटी की अवधारणा को बरकरार रखता है, लेकिन इसमें कई अहम बदलाव किए गए हैं.
- हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मज़दूरी वाली नौकरी की गारंटी
- मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी
- यह रोजगार उन वयस्क सदस्यों को मिलेगा जो बिना विशेष कौशल के काम करने को तैयार हों
कानून का उद्देश्य क्या है?
VB-G RAM G का मकसद केवल रोज़गार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ बुनियादी ढांचा (Sustainable Infrastructure) तैयार करना भी है. इसके तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा. जिसमें-जल से जुड़े कार्य–जल सुरक्षा और संरक्षण के लिए, कोर ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर–सड़कें, पुल, सामुदायिक भवन, रोज़गार और आजीविका ढांचा–कृषि और उससे जुड़े सहायक कार्य और जलवायु-सहिष्णु कार्य–प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के असर को कम करने के लिए. इन सभी कार्यों से बनने वाली संपत्तियों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास का एकीकृत मॉडल तैयार किया जा सके.
G RAM G को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका पूरा नाम क्या है.
G RAM G का फुल फॉर्म आसान शब्दों में समझें-
V – विकसित
B – भारत
G – गारंटर फॉर
R – रोज़गार एंड
A – आजीविका
M – मिशन
G – ग्रामीण
कुल मिलाकर, VB-G RAM G बिल ग्रामीण भारत के लिए एक बड़े बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, हालांकि इसके असर और ज़मीनी क्रियान्वयन को लेकर बहस अभी जारी है.
