टीएनपी डेस्क (TNP DESK): साल 2025 के खत्म होने से पहले भी कई करदाताओं को आयकर रिफंड नहीं मिला है. इस बीच आयकर विभाग उन लोगों को अलर्ट मैसेज भेज रहा है, जिन्होंने गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ITR दाखिल की है. विभाग ऐसे करदाताओं को अपना रिटर्न सही करने का मौका भी दे रहा है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या 31 दिसंबर के बाद भी ITR में सुधार किया जा सकता है. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
क्या 31 दिसंबर के बाद ITR में सुधार संभव है?
कई बार करदाता जल्दबाजी में या दूसरों की सलाह पर गलत जानकारी के साथ ITR दाखिल कर देते हैं. कुछ मामलों में छोटी तकनीकी गलतियां भी हो जाती हैं. ऐसी स्थिति में रिफंड अटक सकता है या नोटिस आने की आशंका रहती है. आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत करदाताओं को अपने रिटर्न में सुधार करने का मौका मिलता है. लेकिन यह सुविधा केवल 31 दिसंबर तक ही उपलब्ध होती है. तय तारीख के बाद सामान्य तौर पर संशोधित या विलंबित ITR दाखिल नहीं की जा सकती.
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार 31 दिसंबर के बाद संशोधित या लेट रिटर्न फाइल करने की अनुमति नहीं रहती. डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सुधाकर सेथुरमन के मुताबिक, तय समय सीमा के बाद ITR में बदलाव का विकल्प बंद हो जाता है.
वहीं एसके पटोडिया एंड एसोसिएट एलएलपी के मिहिर तन्ना का कहना है कि तकनीकी रूप से 31 दिसंबर के बाद रिवीजन संभव नहीं है. हालांकि करदाता अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. इसके लिए आयकर विभाग से अनुमति लेनी होती है और अतिरिक्त टैक्स व ब्याज का भुगतान करना पड़ता है.
करदाताओं के लिए सलाह
अगर आपके ITR में कोई गलती है, तो समय रहते उसे सुधार लेना बेहतर है. देरी करने पर न सिर्फ रिफंड अटक सकता है, बल्कि अतिरिक्त टैक्स और ब्याज भी देना पड़ सकता है. इसलिए 31 दिसंबर से पहले अपनी ITR की जानकारी जरूर जांच लें.
