TNP DESK- क्रिसमस 2025 के पावन अवसर पर दुनिया भर में ईसाई समुदाय प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उत्सव मना रहा है. इस खास दिन पर हम आपको याद दिला रहे हैं यीशु मसीह के पहले चमत्कार की, जिसने न सिर्फ उनके दिव्य स्वरूप को दुनिया के सामने रखा बल्कि विश्वास और करुणा का संदेश भी दिया.
काना की शादी और पहला चमत्कार
बाइबिल के अनुसार यह घटना गलील के काना नामक स्थान की है, जहाँ एक विवाह समारोह आयोजित किया गया था. यीशु मसीह उनकी माता मरियम और उनके शिष्य इस शादी में शामिल हुए थे. समारोह के दौरान जब मेहमानों के लिए शराब खत्म हो गई, तो यह मेज़बानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई.
मरियम ने यह बात यीशु को बताई. शुरुआत में उन्होंने कहा कि अभी उनका समय नहीं आया है लेकिन फिर भी उन्होंने सेवकों को निर्देश दिया कि वे पत्थर के मटकों को पानी से भर दें.
पानी से शराब बनने की घटना
जब सेवकों ने निर्देशों का पालन किया तो वही पानी उत्तम शराब में बदल चुका था.जब शादी के प्रमुख सेवक ने उसका स्वाद चखा तो वह हैरान रह गया कि इतनी अच्छी शराब समारोह के अंत में परोसी गई है.
यह चमत्कार यीशु मसीह का पहला सार्वजनिक चमत्कार माना जाता है, जिसके बाद उनके शिष्यों का विश्वास और भी गहरा हो गया.
धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह चमत्कार सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं था बल्कि यह संदेश देता है कि विश्वास से असंभव भी संभव हो सकता है.
क्रिसमस का अर्थ
क्रिसमस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा और विश्वास का प्रतीक है. यीशु मसीह का जीवन हमें सिखाता है कि मानवता की सेवा ही सच्ची ईश्वर-भक्ति है.
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