रांची (RANCHI): राजधानी रांची के होटवार स्थित भगवान बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से सामने आए एक वायरल वीडियो ने जेल प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक को कटघरे में खड़ा कर दिया है. शराब घोटाला और जीएसटी घोटाले के आरोपियों का जेल के अंदर खुलेआम डांस करते हुए वीडियो सामने आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने इसे गंभीर, शर्मनाक और चिंताजनक बताते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.
मंगलवार को इस मामले में जनहित याचिका के रूप में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जेल के भीतर इस तरह की गतिविधियां बेहद गंभीर हैं और यह जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी.
दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें होटवार जेल के एक हॉल में दो कैदी डांस करते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिख रहे कैदियों की पहचान शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और जीएसटी घोटाले के आरोपी विक्की भालोटिया के रूप में हुई है. दोनों कैदी हाफ पैंट और टीशर्ट पहने म्यूजिक की धुन पर ठुमके लगाते दिख रहे हैं.
यह वीडियो कुछ दिन पुराना है और जेल परिसर के अंदर स्थित एक हॉल का है. वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल आईजी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई. लापरवाही बरतने के आरोप में जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है.
इस पूरे मामले ने एक बार फिर जेल में रसूखदार कैदियों को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि भगवान बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में प्रभावशाली और पैसे वाले कैदियों के लिए अलग व्यवस्था चलती है. जेल के अंदर खास वार्ड बनाए गए हैं, जहां रसूखदार कैदी रहते हैं. इन वार्डों में रहने के लिए कथित तौर पर एंट्री फीस और हर महीने तय रकम चुकानी पड़ती है. आरोप है कि जेल के कुछ अधिकारी और कर्मचारी बाहरी सिंडिकेट के साथ मिलकर यह पूरा सिस्टम चला रहे हैं.
जेल के अंदर सुविधाओं के बदले पैसे लेने, मोबाइल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं. अब घोटाले के आरोपियों का डांस वीडियो सामने आने के बाद सरकार और जेल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में क्या जवाब देती है और आगे क्या ठोस कार्रवाई होती है.
