टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर आप झारखंड की राजधानी रांची में रहते हैं और अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक अच्छे स्कूल की तलाश कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी है. आज के दौर में स्कूल केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, सोचने की क्षमता और करियर की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. रांची में स्कूलों के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन हर स्कूल बच्चों के संपूर्ण विकास और बेहतर भविष्य की गारंटी नहीं देता. ऐसे में माता-पिता के लिए सही स्कूल का चुनाव करना आसान नहीं होता.
आइए जानते हैं रांची के उन पांच प्रमुख स्कूलों के बारे में, जिन्हें बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सबसे भरोसेमंद माना जाता है.
सेंट मैरीज स्कूल (St Mary’s School)
सेंट मैरीज स्कूल रांची के पुराने और प्रतिष्ठित स्कूलों में शामिल है. यहां सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई होती है. नर्सरी और एलकेजी में दाखिले के लिए जन्म प्रमाण पत्र और आवेदन जरूरी होता है. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बच्चों का छोटा इंटरव्यू और बेसिक टेस्ट लिया जाता है. वहीं ऊंची कक्षाओं में दाखिले के लिए पिछले स्कूल का शैक्षणिक रिकॉर्ड देखा जाता है.
सेंट जोसेफ स्कूल (St Joseph’s School)
सेंट जोसेफ स्कूल रांची के सबसे पुराने और भरोसेमंद स्कूलों में से एक है. यह स्कूल भी सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा हुआ है और यहां नर्सरी से लेकर 12वीं तक पढ़ाई कराई जाती है. नर्सरी और प्री-प्राइमरी में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु और जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होता है. आवेदन के बाद बच्चों का इंटरव्यू और बेसिक टेस्ट लिया जाता है. इस स्कूल की खासियत यह है कि यहां बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाता है.
लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल (Loreto Convent School)
लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल रांची का एक प्रमुख गर्ल्स स्कूल है. यहां सीबीएसई बोर्ड के अनुसार पढ़ाई होती है. नर्सरी और एलकेजी में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जरूरी होता है. आवेदन के बाद बच्चों और अभिभावकों का इंटरव्यू लिया जाता है. बड़ी कक्षाओं में दाखिले के लिए पिछले स्कूल के अकादमिक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाती है.
दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), रांची
दिल्ली पब्लिक स्कूल रांची के धुर्वा क्षेत्र में स्थित है और यह सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है. यहां नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है. नर्सरी और 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है. दाखिले के दौरान बच्चों का इंटरव्यू और आकलन किया जाता है. पढ़ाई के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में रुचि रखने वाले छात्रों को यहां विशेष अवसर मिलते हैं.
जवाहर विद्या मंदिर श्यामली (JVM Shyamali)
जवाहर विद्या मंदिर श्यामली रांची के सबसे नामचीन स्कूलों में गिना जाता है. यह स्कूल सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा हुआ है और नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई कराता है. जेवीएम श्यामली पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सर्वांगीण विकास के लिए जाना जाता है. यहां अनुभवी शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. नर्सरी और एलकेजी में प्रवेश के लिए आयु सीमा, आवेदन और इंटरव्यू जरूरी होता है, जबकि बड़ी कक्षाओं में दाखिले के लिए पिछले स्कूल का शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं.
इन पांचों स्कूलों को बच्चों की सफलता की मजबूत नींव माना जाता है. अगर आप अपने बच्चे का दाखिला इन प्रतिष्ठित स्कूलों में कराते हैं, तो निश्चित रूप से उसके बेहतर, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा.
