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लोगों में क्यों बढ़ रही है कोलेस्ट्राल की समस्या? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK):  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और लगातार बदलती लाइफस्टाइल लोगों को कई गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही है. इन्हीं में से एक है बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है. यही वजह है कि इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है. समय रहते अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है. आखिर कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है, इसके पीछे क्या वजहें हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है?

कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह क्यों जरूरी है?

कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का वसायुक्त (फैटी) पदार्थ है, जो हमारे शरीर की हर कोशिका में पाया जाता है. यह हार्मोन बनाने, विटामिन D के निर्माण और भोजन को पचाने में मदद करने वाले पित्त (Bile) के निर्माण के लिए जरूरी होता है. शरीर का अधिकांश कोलेस्ट्रॉल लीवर बनाता है, जबकि कुछ मात्रा भोजन से भी मिलती है. समस्या तब शुरू होती है, जब शरीर में "खराब कोलेस्ट्रॉल" यानी LDL (Low-Density Lipoprotein) की मात्रा बढ़ जाती है और "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" यानी HDL (High-Density Lipoprotein) कम हो जाता है.

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मुख्य कारण

डॉक्टरों के अनुसार, आज की बदलती जीवनशैली कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बन रही है. तला-भुना और जंक फूड, अधिक घी-तेल, प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय पदार्थ और फास्ट फूड का लगातार सेवन शरीर में LDL को बढ़ाता है. इसके अलावा शारीरिक गतिविधि की कमी, घंटों बैठकर काम करना, मोटापा, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के प्रमुख कारण हैं. कई मामलों में यह समस्या आनुवंशिक (Genetic) भी होती है. मधुमेह (Diabetes), थायरॉयड और किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियां भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती हैं.

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण क्या हैं?

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते. इसलिए इसे अक्सर "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है. कई लोगों को वर्षों तक पता ही नहीं चलता कि उनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है. जब धमनियों में वसा जमा होने लगती है, तब सीने में दर्द, सांस फूलना, जल्दी थकान, पैरों में दर्द या अचानक हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां सामने आ सकती हैं.

समय पर जांच क्यों जरूरी है?

डॉक्टरों की सलाह है कि 20 वर्ष की उम्र के बाद हर व्यक्ति को नियमित अंतराल पर लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile) जांच करानी चाहिए. यदि परिवार में हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज का इतिहास है, तो जांच और भी जरूरी हो जाती है. समय पर जांच से बढ़ते कोलेस्ट्रॉल का पता लगाया जा सकता है और गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है.

कैसे रखें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित?

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार अपनाना सबसे जरूरी है. भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, ओट्स, मेवे और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें. तले हुए खाद्य पदार्थ, ट्रांस फैट, अधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं. सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें, रोजाना 30 मिनट तेज चलें, वजन नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब से बचें तथा तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का सहारा लें. यदि डॉक्टर दवा लिखते हैं, तो उसे नियमित रूप से लेना भी जरूरी है.

डॉक्टर की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार किया जाए और नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. याद रखें, स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही स्वस्थ हृदय और लंबी उम्र की सबसे मजबूत कुंजी है.

नोट: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है. किसी भी प्रकार की जांच, दवा या उपचार शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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