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बारिश में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ जाता है? क्या मौसम सच में जिम्मेदार है, जानें एक्सपर्ट की राय

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह जोड़ों के दर्द और अकड़न की परेशानी बढ़ा देता है. खासकर गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस या पुराने जोड़ों की समस्या से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में घुटनों, कंधों, कमर और उंगलियों में ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है. कई लोगों का मानना है कि बारिश और बदलता मौसम सीधे जोड़ों के दर्द की वजह बनता है. लेकिन क्या वाकई मौसम इसके लिए जिम्मेदार है? विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव कुछ लोगों में दर्द और जकड़न को प्रभावित कर सकता है, हालांकि हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता.

बारिश और मौसम का जोड़ों पर क्या असर पड़ता है?

बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है और वायुमंडलीय दबाव में भी बदलाव होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बदलाव शरीर के आसपास मौजूद ऊतकों और जोड़ों में संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं. जिन लोगों के जोड़ों में पहले से सूजन या क्षतिग्रस्त कार्टिलेज की समस्या है, उन्हें मौसम बदलने पर दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है. हालांकि, सिर्फ नमी को जोड़ों के दर्द का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता. शरीर की संवेदनशीलता, उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और पहले से मौजूद बीमारी भी दर्द की तीव्रता को प्रभावित करती है.

पुराने दर्द वाले लोगों को ज्यादा परेशानी क्यों?

जिन लोगों को ऑस्टियोआर्थराइटिस या गठिया जैसी समस्या है, उनके जोड़ों में पहले से सूजन और क्षति हो सकती है. ऐसे में तापमान और वातावरण में बदलाव होने पर दर्द, अकड़न या भारीपन ज्यादा महसूस हो सकता है. बारिश के दिनों में लोग अक्सर घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं और शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है. लंबे समय तक बैठे रहने से जोड़ों में अकड़न बढ़ सकती है. यही वजह है कि कई लोगों को बारिश के मौसम में सुबह उठने या लंबे समय तक बैठने के बाद घुटनों और अन्य जोड़ों में ज्यादा दर्द महसूस होता है.

क्या ठंड और नमी ही दर्द की वजह है?

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान केवल नमी ही नहीं, बल्कि तापमान में गिरावट और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव भी भूमिका निभा सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में वैज्ञानिक प्रमाण अभी पूरी तरह निर्णायक नहीं हैं. कुछ अध्ययनों में मौसम और जोड़ों के दर्द के बीच संबंध देखा गया है, जबकि कुछ शोधों में इसका असर बहुत सीमित पाया गया है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि बारिश सीधे जोड़ों का दर्द पैदा करती है. ज्यादा सही यह है कि मौसम में बदलाव कुछ लोगों में पहले से मौजूद जोड़ों की समस्या के लक्षणों को बढ़ा सकता है.

बारिश में जोड़ों के दर्द से कैसे बचें?

बारिश के मौसम में दर्द से बचने के लिए शरीर को सक्रिय रखना जरूरी है. डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और जोड़ों की क्षमता के मुताबिक एक्सरसाइज की जा सकती है. लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें और बीच-बीच में शरीर को मूव करते रहें. जिन लोगों को डॉक्टर ने गर्म सिकाई की सलाह दी है, वे प्रभावित हिस्से पर उचित तरीके से गर्म सिकाई कर सकते हैं. वजन ज्यादा होने पर उसे नियंत्रित करना भी जरूरी है, क्योंकि अतिरिक्त वजन घुटनों और पैरों के जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है.

अगर जोड़ों का दर्द लगातार बना रहे, सूजन बहुत ज्यादा हो, जोड़ लाल या गर्म महसूस हो, चलने-फिरने में परेशानी हो या दर्द अचानक बढ़ जाए, तो इसे केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के मौसम में दर्द बढ़ना संभव है, लेकिन इसके पीछे पहले से मौजूद जोड़ों की समस्या भी बड़ी वजह हो सकती है.

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