टीनपी डेस्क (TNP DESK): कई लोगों को कभी न कभी अचानक कान में सीटी, घंटी, भनभनाहट या गूंज जैसी आवाज सुनाई देती है, जबकि आसपास वास्तव में ऐसी कोई आवाज नहीं होती. कुछ लोगों को यह कुछ सेकंड या मिनट तक महसूस होती है और फिर अपने आप बंद हो जाती है. वहीं, बार-बार ऐसा होने पर कई लोग डर जाते हैं कि कहीं कान में कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है. दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं. मेडिकल भाषा में बिना किसी बाहरी स्रोत के कान या सिर में ऐसी आवाज महसूस होने को Tinnitus (टिनिटस) कहा जाता है. यह अपने आप में कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि अलग-अलग कारणों से होने वाला एक लक्षण है. अधिकतर मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ परिस्थितियों में जांच जरूरी हो सकती है.
आखिर कान में ऐसी आवाज आती क्यों है?
टिनिटस में व्यक्ति को ringing, buzzing, humming, hissing या सीटी जैसी अलग-अलग आवाजें सुनाई दे सकती हैं. यह एक कान, दोनों कान या सिर के अंदर महसूस हो सकती है. वैज्ञानिक रूप से इसका संबंध कान से दिमाग तक आवाज के संकेत पहुंचाने वाली प्रणाली में बदलाव से माना जाता है. एक प्रमुख वैज्ञानिक व्याख्या के अनुसार, अंदरूनी कान में बदलाव या क्षति के बाद दिमाग के auditory cortex में ध्वनि से जुड़े संकेतों की गतिविधि बदल सकती है, जिससे बाहरी आवाज मौजूद न होने के बावजूद आवाज महसूस होती है.
तेज आवाज और हेडफोन भी हो सकते हैं कारण
अगर आप लंबे समय तक तेज आवाज में हेडफोन या ईयरफोन इस्तेमाल करते हैं, तेज म्यूजिक सुनते हैं या अक्सर बहुत शोर वाली जगह पर रहते हैं, तो इससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और टिनिटस हो सकता है. NIDCD के अनुसार, बहुत तेज या लंबे समय तक शोर के संपर्क में रहने से अंदरूनी कान की संवेदनशील संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है. कान में मैल जमा होना, कान का संक्रमण, उम्र से जुड़ी hearing loss और कुछ दवाएं भी टिनिटस से जुड़ी हो सकती हैं.
क्या कभी-कभार सीटी सुनाई देना खतरनाक है?
अगर कान में आवाज कभी-कभार आती है, जल्दी बंद हो जाती है और इसके साथ सुनाई देने में कमी, चक्कर या कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो हर बार घबराने की जरूरत नहीं होती. टिनिटस काफी सामान्य है और कई मामलों में समय के साथ कम भी हो सकता है. हालांकि इसकी वजह खुद तय करने के बजाय लक्षणों पर नजर रखना बेहतर है.
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर कान में सीटी या घंटी की आवाज लगातार या नियमित रूप से आने लगे, समय के साथ बढ़ रही हो, नींद या ध्यान को प्रभावित कर रही हो, तो डॉक्टर या ENT विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. डॉक्टर कान में जमा मैल, संक्रमण और सुनने की क्षमता जैसी चीजों की जांच कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर hearing test भी कराया जा सकता है.
अगर कान में आने वाली आवाज दिल की धड़कन के साथ ताल मिलाकर धक-धक या whooshing जैसी महसूस होती है, तो इसे भी डॉक्टर को जल्द दिखाना चाहिए. इसे pulsatile tinnitus कहा जाता है और कुछ मामलों में इसका संबंध रक्त प्रवाह से जुड़ी स्थितियों से हो सकता है.
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर टिनिटस के साथ अचानक एक कान से सुनाई देना कम या बंद हो जाए, तेज चक्कर आए या चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए. अचानक होने वाली sensorineural hearing loss को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है और समय पर इलाज महत्वपूर्ण हो सकता है. सिर में चोट लगने के बाद टिनिटस शुरू होने पर भी तत्काल चिकित्सा सलाह जरूरी है.
इसलिए कान में कभी-कभार आने वाली सीटी या घंटी की आवाज सुनकर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लगातार या बढ़ती समस्या को सामान्य समझकर छोड़ना भी सही नहीं है. खासकर सुनने की क्षमता में अचानक बदलाव या चक्कर जैसे लक्षण साथ हों, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
