टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई महिला अपने परिवार को सवारने में इतना मशगूल हो जाती है की उनका अपनी परवाह ही नहीं होती, न अपनी सेहत का ध्यान रख और पाती और न ही अपने लिए समय निकाल पाती. आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में एक महिला अपने ऊपर ध्यान देने के बजाय घर के काम, ऑफिस का काम, पति, बच्चे और माता-पिता, ये सब करके इतना थक जाती है की अपने लिए समय नहीं निकाल पाती की कुछ अपने लिए कर सके, सिर्फ चंद घंटों की नींद और सुबह से ढेर सारा काम. न समय पर खाना खा पाती हैं और न ही अपनी सेहत पर ध्यान दे पाती हैं. ऐसे में शरीर में होने वाले बदलावों को भी अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं. मेनोपॉज भी ऐसा ही एक बदलाव है, जो हर महिला के जीवन में आता है. लेकिन कुछ महिलाओं में यह उम्र से पहले शुरू हो सकता है. ऐसे में इसके लक्षणों को पहचानना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
क्या है मेनोपॉज?
मेनोपॉज वह अवस्था है, जब महिला का मासिक धर्म हमेशा के लिए बंद हो जाता है. आमतौर पर यह 45 से 55 साल की उम्र के बीच होता है. अगर 40 साल की उम्र से पहले पीरियड्स बंद हो जाएं, तो इसे समय से पहले मेनोपॉज कहा जाता है. हालांकि, पीरियड्स अनियमित होने का मतलब हमेशा मेनोपॉज नहीं होता. इसकी सही वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
समय से पहले मेनोपॉज के क्या हैं कारण?
समय से पहले मेनोपॉज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. परिवार में पहले किसी महिला को यह समस्या होना, धूम्रपान, अंडाशय से जुड़ी समस्याएं और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां इसका कारण बन सकती हैं. कीमोथेरेपी, रेडिएशन या अंडाशय को हटाने वाली सर्जरी से भी मेनोपॉज जल्दी आ सकता है. हालांकि, कई मामलों में इसकी स्पष्ट वजह पता नहीं चलती.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
-पीरियड्स का अनियमित होना या बंद हो जाना.
-अचानक शरीर में गर्मी महसूस होना और रात में पसीना आना.
- नींद में परेशानी और बार-बार थकान महसूस होना.
- मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी.
-योनि में सूखापन और यौन इच्छा में कमी.
घर पर कैसे रखें अपनी सेहत का ध्यान?
महिलाएं अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके सेहत का बेहतर ध्यान रख सकती हैं. खाने में फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और कैल्शियम युक्त चीजें शामिल करें. नियमित रूप से टहलें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम या योग करें. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें. धूम्रपान से दूर रहें.
हालांकि, घरेलू उपाय मेनोपॉज को रोक नहीं सकते. अगर 40 साल की उम्र से पहले पीरियड्स बंद होने लगें या मेनोपॉज के लक्षण दिखाई दें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें. डॉक्टर की सलाह के बिना हार्मोनल दवाएं या सप्लीमेंट न लें. सही समय पर जांच और इलाज से हड्डियों और दिल की सेहत सहित लंबे समय तक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सकता है. और सबसे जरूरी, हर एक महिला को अपने ऊपर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि अगर वो हेल्थी रहेगी तभी परिवारों का भी ध्यान रख पाएगी
