टीएनपी डेस्क (TNP DESK): घर संभालना हो, ऑफिस की जिम्मेदारी निभानी हो या बच्चों और परिवार का ख्याल रखना हो, महिलाएं अक्सर हर किसी की सेहत का ध्यान रखती हैं, लेकिन अपनी सेहत को सबसे आखिर में रख देती हैं. यही लापरवाही कई बार भारी पड़ सकती है. शरीर में पनप रही कई स्वास्थ्य समस्याओं के शुरुआती संकेत साफ नजर नहीं आते और जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक बीमारी बढ़ चुकी होती है. इसलिए उम्र बढ़ने के साथ नियमित हेल्थ चेकअप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है. खासकर 35 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग रहना चाहिए. हालांकि हर महिला के लिए एक जैसे टेस्ट जरूरी नहीं होते. उम्र, पारिवारिक इतिहास, लाइफस्टाइल और डॉक्टर की सलाह के आधार पर जांच की जरूरत अलग-अलग हो सकती है. फिर भी कुछ सामान्य जांच ऐसी हैं, जिनके बारे में डॉक्टर से बात करना फायदेमंद हो सकता है.
1. रेगुलर हेल्थ चेकअप
35 की उम्र के बाद समय-समय पर सामान्य स्वास्थ्य जांच कराना अच्छा माना जाता है. इसमें ब्लड प्रेशर, वजन, BMI, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और जरूरत के अनुसार अन्य ब्लड टेस्ट शामिल हो सकते हैं. इन जांचों से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल या शरीर में किसी तरह की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत मिल सकता है. खासकर अगर परिवार में डायबिटीज, हार्ट डिजीज या हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास रहा हो, तो डॉक्टर से नियमित स्क्रीनिंग के बारे में जरूर पूछना चाहिए.
2. बोन डेंसिटी टेस्ट
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में हड्डियों की मजबूती पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है. बोन डेंसिटी टेस्ट यानी DEXA स्कैन हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम का आकलन करने में मदद करता है. हालांकि यह टेस्ट हर 35 वर्षीय महिला के लिए जरूरी नहीं होता. आमतौर पर इसकी जरूरत उम्र, मेनोपॉज, फ्रैक्चर के इतिहास और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर तय की जाती है. इसलिए इसे डॉक्टर की सलाह से ही कराना बेहतर है.
3. सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग
महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग बेहद महत्वपूर्ण है. इसके लिए Pap smear और HPV टेस्ट जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जाते हैं. इन जांचों से सर्विक्स में होने वाले असामान्य बदलावों का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है. किस उम्र में कौन-सा टेस्ट और कितने अंतराल पर कराया जाना चाहिए, यह संबंधित स्वास्थ्य गाइडलाइन और महिला की व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करता है. इसलिए डॉक्टर से सही स्क्रीनिंग शेड्यूल जरूर तय करें.
4. CBC टेस्ट
Complete Blood Count यानी CBC एक सामान्य ब्लड टेस्ट है, जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स समेत कई महत्वपूर्ण रक्त संबंधी चीजों की जानकारी मिलती है. महिलाओं में आयरन की कमी और एनीमिया की समस्या आम हो सकती है, खासकर जिनका मासिक धर्म ज्यादा होता है. लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी समस्या हो तो डॉक्टर CBC और जरूरत के अनुसार आयरन संबंधी जांच की सलाह दे सकते हैं.
5. थायराइड फंक्शन टेस्ट
थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और कई दूसरे शारीरिक कार्यों को प्रभावित करते हैं. महिलाओं में थायराइड संबंधी समस्याएं देखी जा सकती हैं. अगर लगातार थकान, वजन में अचानक बदलाव, ठंड या गर्मी ज्यादा लगना, बाल झड़ना, मासिक धर्म में अनियमितता या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर Thyroid Function Test कराया जा सकता है.
35 की उम्र के बाद हेल्थ चेकअप को लेकर जागरूक रहना अच्छी आदत है, लेकिन हर महिला को हर टेस्ट हर साल कराने की जरूरत नहीं होती. जांच की जरूरत उम्र, लक्षण, पारिवारिक इतिहास और व्यक्तिगत जोखिम पर निर्भर करती है. इसलिए किसी भी मेडिकल टेस्ट को खुद से तय करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, इसे व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह न मानें. किसी बीमारी के लक्षण या स्वास्थ्य संबंधी चिंता होने पर योग्य डॉक्टर से संपर्क करें.
