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रोजाना मल्टीविटामिन लेना फायदेमंद है या नुकसानदायक? जानें डॉक्टर की राय और किन लोगों को है जरूरत

Rashmi Prasad  CE
Rashmi Prasad CE
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): आजकल थकान, कमजोरी, बाल झड़ने या शरीर में पोषक तत्वों की कमी के डर से कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के रोजाना मल्टीविटामिन लेना शुरू कर देते हैं. बाजार में उपलब्ध इन सप्लीमेंट्स को अक्सर शरीर के लिए जरूरी सभी विटामिन और मिनरल्स का आसान स्रोत माना जाता है. लेकिन सवाल यह है कि क्या हर स्वस्थ व्यक्ति को रोज मल्टीविटामिन लेना चाहिए? क्या इससे शरीर को फायदा होता है या लंबे समय तक लेने पर नुकसान भी हो सकता है? विशेषज्ञों के मुताबिक इसका जवाब व्यक्ति की उम्र, खान-पान, स्वास्थ्य स्थिति और शरीर में मौजूद पोषक तत्वों की कमी पर निर्भर करता है.

मल्टीविटामिन आखिर क्या होता है?

मल्टीविटामिन और मल्टीमिनरल सप्लीमेंट्स में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स एक साथ मौजूद होते हैं. इनमें विटामिन A, C, D, E, B समूह के विटामिन के साथ आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व हो सकते हैं. इनका उद्देश्य शरीर में पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में मदद करना है. NIH के अनुसार, जिन लोगों को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, उनके लिए मल्टीविटामिन कुछ पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने में मदद कर सकता है.

क्या हर किसी को रोज लेने की जरूरत है?

नहीं. डॉक्टर की सलाह के बिना हर व्यक्ति को रोजाना मल्टीविटामिन लेने की जरूरत नहीं होती. अगर किसी व्यक्ति का खान-पान संतुलित है और उसे किसी विशेष विटामिन या मिनरल की कमी नहीं है, तो सामान्य तौर पर सप्लीमेंट को रोज की आदत बना लेना जरूरी नहीं माना जाता.

NIH के एक बड़े विश्लेषण में करीब 3.9 लाख स्वस्थ वयस्कों के आंकड़ों को देखा गया. इसमें नियमित मल्टीविटामिन इस्तेमाल करने वालों में मृत्यु के जोखिम में कमी नहीं पाई गई. हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि डॉक्टर द्वारा किसी खास कमी के इलाज के लिए दिया गया मल्टीविटामिन बेकार है.

किन लोगों को हो सकता है फायदा?

कुछ लोगों में मल्टीविटामिन या किसी खास विटामिन की जरूरत हो सकती है. उदाहरण के तौर पर जिन लोगों की डाइट बहुत सीमित है, शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी जांच में सामने आई है या किसी स्वास्थ्य स्थिति के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो रहा है, उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं.

गर्भधारण की योजना बना रही या गर्भधारण करने में सक्षम महिलाओं के लिए फोलिक एसिड का सेवन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. USPSTF ऐसी महिलाओं के लिए रोजाना 400 से 800 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड की सलाह देता है.

जरूरत से ज्यादा लेना बन सकता है समस्या

यह मान लेना गलत है कि विटामिन होने के कारण इनका ज्यादा सेवन हमेशा सुरक्षित रहेगा. कुछ पोषक तत्व शरीर में जरूरत से ज्यादा जमा हो सकते हैं या अधिक मात्रा में लेने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं.

NIH के अनुसार मल्टीविटामिन लेने से आयरन, विटामिन A, जिंक, नियासिन और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व जरूरत से ज्यादा मिलने की संभावना बढ़ सकती है, खासकर तब जब सप्लीमेंट में इनकी मात्रा अधिक हो या व्यक्ति पहले से दूसरे सप्लीमेंट भी ले रहा हो.

विटामिन A और D में क्यों सावधानी जरूरी?

फैट-सॉल्युबल विटामिन जैसे A और D शरीर में जमा हो सकते हैं. बहुत अधिक मात्रा में विटामिन A लेने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जबकि अत्यधिक विटामिन D से शरीर में कैल्शियम बढ़ने और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का जोखिम हो सकता है. इसलिए इनकी हाई-डोज सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए.

क्या मल्टीविटामिन बीमारी से बचाता है?

मल्टीविटामिन को कैंसर, हार्ट डिजीज या अन्य गंभीर बीमारियों से बचाने वाली दवा समझना सही नहीं है. USPSTF के अनुसार, स्वस्थ गैर-गर्भवती वयस्कों में हृदय रोग या कैंसर की रोकथाम के लिए मल्टीविटामिन के फायदे और नुकसान के बीच संतुलन पर पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. वहीं विटामिन E और बीटा-कैरोटीन को इन बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से लेने की सलाह नहीं दी गई है.

डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी?

अगर लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, बाल झड़ना या अन्य समस्या महसूस हो रही है, तो सिर्फ मल्टीविटामिन शुरू करने के बजाय कारण पता करना जरूरी है. कई बार ऐसी समस्याओं के पीछे आयरन, B12 या विटामिन D की कमी के अलावा दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं.

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