टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर छोटे बच्चों में सोते समय मुंह से लार गिरना साधारण माना जाता है. सुबह जब बच्चे उठते है तो उनके तकिये में लार के निशान दिखाए देते है. कई बच्चों के जागते हुए भी लार देखा जात याहिया जो की नॉर्मल माना जाता है. ऐसे में आमतौर पर इसे नॉर्मल मानकर नजरंदाज कर दिया जाता है लेकिन अगर यही लक्षण किसी बड़े व्यक्ति में भी लगातार दिखाई देने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. सोते समय मुंह से लार टपकना कई बार सामान्य शारीरिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह शरीर के अंदर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि लार गिरने की वजह क्या है और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
करवट लेकर सोने से भी गिरती है लार
सोते समय शरीर की मांसपेशियां आराम की स्थिति में होती हैं. इस दौरान लार को निगलने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है. खासकर जब कोई व्यक्ति करवट लेकर या पेट के बल सोता है, तो मुंह से लार बाहर निकल सकती है. कभी-कभार ऐसा होना सामान्य है और आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती. हालांकि, अगर रोजाना तकिए पर लार के निशान दिखाई दें या लार बहुत ज्यादा गिरने लगे, तो इसकी वजह जानना जरूरी है.
इन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी आती है लार
सोते समय मुंह से सांस लेना लार टपकने की एक प्रमुख वजह हो सकती है. नाक बंद होना, एलर्जी, नाक की हड्डी टेढ़ी होना और एडेनॉइड्स का बढ़ना जैसी समस्याओं के कारण नाक से सांस लेने में परेशानी होती है. ऐसे में व्यक्ति मुंह खोलकर सोता है और लार बाहर निकलने लगती है. इसके अलावा टॉन्सिल का बढ़ना और ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया भी इसकी वजह हो सकते हैं. कुछ लोगों में निगलने में कठिनाई, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं और कुछ दवाओं के सेवन से भी लार अधिक निकल सकती है.
लार गिरने की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
अगर कभी-कभार सोते समय लार गिरती है और कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सोने की सही मुद्रा अपनाने, नाक की एलर्जी को नियंत्रित करने और नाक बंद रहने की समस्या का इलाज कराने से राहत मिल सकती है. इसके साथ ही पर्याप्त पानी पिएं और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखें. हालांकि, केवल पानी पीने से लार गिरने की समस्या खत्म हो जाएगी, यह जरूरी नहीं है.
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर लगातार और अत्यधिक लार गिर रही है, तो इसे सामान्य आदत समझकर नजरअंदाज न करें. खासकर इसके साथ तेज खर्राटे आना, सोते समय सांस रुकना, बार-बार दम घुटने जैसा महसूस होना, निगलने में परेशानी या लगातार नाक बंद रहना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो ईएनटी विशेषज्ञ से सलाह लें. डॉक्टर जांच के जरिए पता लगा सकते हैं कि समस्या नाक में रुकावट, बढ़े हुए टॉन्सिल या स्लीप एपनिया जैसी किसी स्थिति के कारण तो नहीं है. इसलिए अगर लार गिरने की समस्या लगातार बनी हुई है, तो समय रहते इसकी वजह जानना और सही इलाज कराना जरूरी है.
