टीनपी डेस्क (TNP DESK): कभी घर से बाजार, स्कूल, ऑफिस या रिश्तेदार के घर तक जाने के लिए पैदल चलना आम बात थी. आज कुछ सौ मीटर की दूरी भी बाइक, स्कूटी या कार से तय करना आसान लगता है. सुविधा बढ़ी है, समय बचा है, लेकिन इसके साथ हमारी रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि भी कम हुई है. सवाल यह है कि क्या छोटी-छोटी दूरियां पैदल न चलने की आदत लंबे समय में हमारी सेहत पर असर डाल सकती है? विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ जिम या एक्सरसाइज ही जरूरी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं. WHO के अनुसार पैदल चलना और साइकिल चलाना भी शारीरिक गतिविधि में शामिल हैं और नियमित शारीरिक गतिविधि स्वास्थ्य के लिए कई फायदे देती है.
पैदल चलना कम हुआ तो शरीर पर क्या असर पड़ सकता है?
जब व्यक्ति छोटी दूरी के लिए भी वाहन का इस्तेमाल करता है, तो दिनभर की कुल शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है. इसके साथ लंबे समय तक बैठने की आदत जुड़ जाए तो समस्या और बढ़ सकती है. WHO के अनुसार ज्यादा समय तक sedentary यानी निष्क्रिय रहने का संबंध हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ कैंसर समेत कई खराब स्वास्थ्य परिणामों से पाया गया है. वहीं बैठने के समय को किसी भी स्तर की शारीरिक गतिविधि से बदलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है.
वजन से लेकर ब्लड प्रेशर तक पर पड़ सकता है असर
रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न होने से वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है. नियमित गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ हृदय और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. CDC के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है. इससे नींद, मानसिक स्वास्थ्य और हड्डियों की सेहत को भी फायदा होता है.
क्या हर जगह पैदल जाना जरूरी है?
ऐसा नहीं है कि बाइक या कार का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. असली जरूरत है कि जहां संभव हो, वहां रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ अतिरिक्त गतिविधि शामिल की जाए. उदाहरण के लिए नजदीकी दुकान तक पैदल जाना, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना या शाम को कुछ समय तेज कदमों से चलना आसान शुरुआत हो सकती है. WHO के मुताबिक वयस्कों को सप्ताह में 150 से 300 मिनट की moderate-intensity aerobic physical activity या इसके बराबर गतिविधि करनी चाहिए. साथ ही सप्ताह में कम से कम दो दिन muscle-strengthening activity करने की सलाह दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति अभी बिल्कुल सक्रिय नहीं है, तो छोटी अवधि से शुरुआत करके धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना बेहतर है.
डॉक्टर की सलाह: छोटी दूरी को बनाएं अपनी एक्सरसाइज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह यही है कि शरीर को लंबे समय तक निष्क्रिय न रखें. हर छोटी दूरी के लिए वाहन का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार पैदल चलने की आदत विकसित की जा सकती है. खासकर ऑफिस में लंबे समय तक बैठने वालों के लिए दिनभर में गतिविधि के छोटे-छोटे मौके तलाशना उपयोगी हो सकता है.
हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर, गंभीर जोड़ों की समस्या या कोई पुरानी बीमारी है, तो नियमित व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लेना बेहतर है. फिट रहने के लिए हमेशा महंगे जिम की जरूरत नहीं होती रोजमर्रा की छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां भी आपकी सेहत में बड़ा फर्क ला सकती हैं.
