टीएनपी डेस्क(TNP DESK): इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है कभी उमस भरी गर्मी, तो कभी तपती घूम तो कभी मौसम अचानक करवट लेता है और बारिश शुरु हो जाती है और मौसम में बदल जाता है जहां तोड़ी देर पहले गर्मी से लोगों का जीना मूहाल रहता है वही कुछ देर बाद लोगों को राहत महसूस होने लगती है. लेकिन ऐसे बदलते मौसम में ज्यादातर लोग बिमार पड़ जाते है और उन्हे सर्दी, जूखाम हो जाता है और खासकर बच्चे और बुजुर्ग को ज्यादा परेशानी होती है.
हर घर-घर में कोई न कोई सर्दी, जुकाम, गले की खराश या खांसी से परेशान नजर आता है. ऐसे में कई लोग मामूली सर्दी-जुकाम के लिए भी दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं, जबकि हमारी रसोई में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जो इस परेशानी से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती हैं.
घरों में पीढ़ियों से दादी-नानी और मां के बताए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल होता आया है. बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे समय में कुछ प्राकृतिक मसाले और खाद्य पदार्थ न केवल शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं.
दालचीनी और नींबू का मिश्रण दे सकता है राहत
सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए दालचीनी और नींबू का मिश्रण काफी फायदेमंद माना जाता है. दालचीनी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनमें मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, जिंक और कॉपर प्रमुख हैं. इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं.
दालचीनी में मौजूद प्राकृतिक तत्व गले की खराश को कम करने, कफ को नियंत्रित करने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण कई सामान्य संक्रमणों से बचाव में भी मदद करते हैं.
नींबू बढ़ाता है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता
नींबू को विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य आवश्यक खनिज तत्व मौजूद होते हैं. साथ ही इसमें फ्लेवोनोइड्स और साइट्रिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं, गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ी मात्रा में दालचीनी मिलाकर सेवन करने से गले को आराम मिल सकता है और शरीर को संक्रमण से लड़ने में सहायता मिल सकती है. हालांकि यह कोई चिकित्सा उपचार नहीं है, लेकिन हल्के सर्दी-जुकाम के दौरान राहत पहुंचाने वाला घरेलू उपाय माना जाता है.
खांसी में राहत दिला सकते हैं तुलसी के पत्ते
तुलसी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर पौधा माना जाता है. खांसी, गले की खराश जैसी समस्याओं में तुलसी के पत्तों काफी लाभकारी माना जाता है. तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. खांसी होने पर 4-5 ताजे तुलसी के पत्तों को धोकर चबाने या इनका काढ़ा बनाकर पीने से गले को आराम मिल सकता है. तुलसी की चाय में शहद मिलाकर पीना भी खांसी और बलगम की समस्या में फायदेमंद माना जाता है.
यदि सर्दी-जुकाम लंबे समय तक बना रहे, तेज बुखार आए या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. घरेलू नुस्खे केवल सामान्य लक्षणों में राहत देने के लिए होते हैं, गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है. मौसम चाहे जितनी तेजी से बदले, अगर खानपान सही हो और रसोई में मौजूद प्राकृतिक चीजों का समझदारी से उपयोग किया जाए, तो कई छोटी-मोटी मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है.
