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High Blood Pressure को न करें नजरअंदाज! जानें क्यों बढ़ता है BP, क्या कहते हैं डॉक्टर

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

टीनपी डेस्क (TNP DESK): हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) या हाइपरटेंशन आज के समय की सबसे आम लेकिन खतरनाक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. इसे अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन यह धीरे-धीरे हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, समय पर जांच, सही जीवनशैली और जरूरत पड़ने पर दवाओं के जरिए इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है.

क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?

जब धमनियों में बहने वाले रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है. आमतौर पर 120/80 mmHg को सामान्य माना जाता है. यदि ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक रहता है, तो डॉक्टर इसे हाई ब्लड प्रेशर मानते हैं. जिन लोगों को डायबिटीज, किडनी रोग या हृदय रोग है, उनके लिए लक्ष्य रक्तचाप अलग हो सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण है.

किन कारणों से बढ़ता है BP?

डॉक्टरों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के पीछे कई कारण हो सकते हैं. अधिक नमक का सेवन, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और पारिवारिक इतिहास प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा बढ़ती उम्र, डायबिटीज, किडनी की बीमारी और हार्मोन संबंधी कुछ समस्याएं भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं.

हाई BP के लक्षण क्या हैं?

अधिकांश लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते. हालांकि कुछ मामलों में सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस फूलना, सीने में दर्द, नाक से खून आना या दिल की धड़कन तेज महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. यदि अचानक बहुत अधिक ब्लड प्रेशर के साथ सीने में दर्द, कमजोरी, बोलने में परेशानी या तेज सिरदर्द हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें.

इलाज और बचाव के आसान उपाय

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज सिर्फ दवा तक सीमित नहीं है. डॉक्टर संतुलित आहार, कम नमक का सेवन, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखने, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाने तथा तनाव कम करने की सलाह देते हैं. यदि डॉक्टर दवा लिखते हैं, तो उसे नियमित रूप से लेना चाहिए और बिना सलाह के बंद नहीं करना चाहिए. घर पर डिजिटल BP मॉनिटर से समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करना भी फायदेमंद हो सकता है.

किन लोगों को नियमित BP जांच करानी चाहिए?

40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, डायबिटीज या किडनी रोग के मरीजों, मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं तथा जिनके परिवार में हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास है, उन्हें नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को पहले से हाई BP है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित फॉलो-अप कराना जरूरी है.

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करना गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है. समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली और डॉक्टर द्वारा निर्धारित उपचार का पालन करने से दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी फेल होने जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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