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बिना मेहनत किए भी आता है बहुत ज्यादा पसीना? न करें नजरअंदाज, हो सकता है इन समस्याओं का संकेत

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीएनपी डेस्क (TNP DESK): गर्मी के मौसम में, एक्सरसाइज करते समय या कोई मेहनत वाला काम करने के बाद पसीना आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है. पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है. लेकिन कई लोगों को बिना कोई फिजिकल एक्टिविटी किए भी अचानक बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है. कुछ लोग बैठे-बैठे या खड़े-खड़े पसीने से तर हो जाते हैं, जबकि आसपास का तापमान भी सामान्य होता है. अक्सर लोग इसे गर्मी, कमजोरी या शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, बार-बार और जरूरत से ज्यादा पसीना आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. खासकर यदि यह समस्या अचानक शुरू हुई है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है.

हाइपरहाइड्रोसिस हो सकता है कारण

जरूरत से ज्यादा पसीना आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है. इसमें व्यक्ति को शरीर को ठंडा करने की जरूरत न होने पर भी अधिक पसीना आ सकता है. यह समस्या खासतौर पर हथेलियों, पैरों, बगल और चेहरे पर दिखाई दे सकती है. कुछ लोगों में इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता, जबकि कुछ मामलों में यह दूसरी स्वास्थ्य समस्या या दवा के प्रभाव से जुड़ी हो सकती है. यदि अत्यधिक पसीने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो इसकी जांच करानी चाहिए.

थायरॉइड की समस्या से भी आ सकता है ज्यादा पसीना

थायरॉइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. थायरॉइड ग्रंथि के अधिक सक्रिय होने यानी हाइपरथायरॉइडिज्म में ज्यादा गर्मी महसूस होना और पसीना बढ़ना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. इसके साथ दिल की धड़कन तेज होना, वजन कम होना, हाथ कांपना, बेचैनी और नींद से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है. हालांकि, केवल ज्यादा पसीना आने से थायरॉइड की समस्या की पुष्टि नहीं की जा सकती. इसके लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच की आवश्यकता होती है.

ब्लड शुगर कम होने पर भी निकल सकता है पसीना

ब्लड शुगर का स्तर बहुत कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में अचानक पसीना आना एक लक्षण हो सकता है. इसके साथ कंपकंपी, भूख, कमजोरी, चक्कर, दिल की धड़कन तेज होना या भ्रम जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले लोगों में इसका जोखिम विशेष रूप से ध्यान देने योग्य होता है. गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया में तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है.

तनाव और एंग्जायटी भी हो सकती है वजह

हर बार ज्यादा पसीना किसी शारीरिक बीमारी के कारण ही हो, यह जरूरी नहीं है. तनाव, घबराहट और एंग्जायटी के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया के कारण भी अचानक पसीना आ सकता है. इंटरव्यू, सार्वजनिक रूप से बोलने, डर या अत्यधिक तनाव की स्थिति में हथेलियों और बगल में पसीना बढ़ सकता है. यदि यह समस्या बार-बार हो रही है और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना उपयोगी हो सकता है.

इन संकेतों के साथ पसीना आए तो तुरंत लें मदद

अचानक बहुत ज्यादा पसीना आने के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, तेज चक्कर, भ्रम या गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है. वहीं, रात में लगातार अत्यधिक पसीना आना, बिना कारण वजन कम होना, बुखार या लंबे समय से पसीने के पैटर्न में बदलाव होने पर भी डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. याद रखें, ज्यादा पसीना अपने आप में किसी एक बीमारी की पुष्टि नहीं करता. सही कारण जानने के लिए लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत के अनुसार जांच के आधार पर डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण है.

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