टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोगों की आदत होती है हाथ धोने की, कुछ काम किया और अगले ही पल हाथ धो लिया. कई लोग किचन में काम करते समय हाथ ऐसे धोते है जैसे हाथ बहुत गंदा हो. आम लोगों की बात करे तो खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद हाथ धोते है. लेकिन जो लोगों को OCD की दिक्कत होती है वैसे लोगों को अजीब तरीके का Obsessions होता है जिसमे वो बार बार हाथ धोते है. ऐसे लोगों को OCDकी दिक्कत हो सकती है. हाथ धोना सामान्य है और ये अच्छी आदतों में गिना जाता है लेकिन क्या हो जब यही आदत लत की तरह हो जाए?
आमतौर पर लोग खाना खाने से पहले और बाद में, शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद या गंदगी छूने पर हाथ धोते हैं. यह अच्छी आदत है और सेहत के लिए जरूरी भी है. लेकिन क्या हो जब कोई व्यक्ति बिना किसी खास वजह के बार-बार हाथ धोने लगे? हाथ साफ करने के बाद भी उसे लगे कि हाथ गंदे हैं और जब तक वह दोबारा हाथ न धो ले, उसे चैन न मिले. ऐसी स्थिति को सिर्फ सफाई की आदत समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में यह ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर यानी OCD का संकेत हो सकता है.
OCD यानी Obsessive-Compulsive Disorder एक ऐसी बीमारी है जिसमे मन में गंदगी या सही तरीके से समान नहीं रखने का वहम पैदा होता है. इसमें मन में बार-बार कीटाणुओं या गंदगी को लेकर अत्यधिक और डरावने विचार (Obsessions) आने लगते है. इन विचारों से पैदा होने वाली घबराहट को शांत करने के लिए व्यक्ति बार-बार या घंटों तक हाथ धोता है.
OCD से पीड़ित व्यक्ति को हाथ धोने के बाद भी संतोष नहीं मिलता और वह बार-बार हाथ धोता रहता है, जिससे उसकी त्वचा तक खराब हो सकती है. यदि हाथ धोने या सफाई के चक्कर में रोजाना आपका 1 घंटे से ज्यादा समय बर्बाद हो रहा है और इससे आपकी डेली लाइफ या काम पर असर पड़ रहा है, तो यह OCD का संकेत हो सकता है.
कब बार-बार हाथ धोना बन सकता है परेशानी?
हर बार हाथ धोना OCD नहीं होता. साफ-सफाई का ध्यान रखना अच्छी आदत है. परेशानी तब मानी जाती है जब हाथ धोने समय बार बार लगातार हाथ धोते ही रह जाए. उदाहरण के तौर पर अगर कहे तो अगर कोई व्यक्ति दिन में कई बार हाथ धोता है, हाथ धोने में बहुत ज्यादा समय लगाता है, हाथ साफ होने के बाद भी संतुष्ट नहीं होता या गंदगी के डर से लोगों और रोजमर्रा की चीजों से दूरी बनाने लगता है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है. खासकर तब, जब इस आदत के कारण काम, पढ़ाई, रिश्तों या सामान्य दिनचर्या पर असर पड़ने लगे.
त्वचा को भी हो सकता है नुकसान
बार-बार हाथ धोने और साबुन या दूसरे सफाई उत्पादों का अधिक इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी हो सकती है. लगातार ऐसा करने पर हाथों में खुजली, जलन, लालिमा और दरारें भी पड़ सकती हैं. गंभीर स्थिति में त्वचा पर घाव होने का खतरा रहता है. यानी जिस गंदगी और संक्रमण से बचने के लिए व्यक्ति हाथ धोता है, उसकी यह आदत खुद उसके लिए परेशानी पैदा कर सकती है.
कब लें डॉक्टर की मदद?
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हाथ धोने या सफाई से जुड़े विचारों और व्यवहार में रोजाना एक घंटे से ज्यादा समय खर्च हो रहा है या इससे व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. हालांकि, केवल समय के आधार पर OCD की पुष्टि नहीं की जा सकती. इसके लिए व्यक्ति के लक्षणों, परेशानी और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन जरूरी है.
हालांकि OCD का इलाज संभव है. इसके लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT), खासकर एक्सपोजर एंड रिस्पॉन्स प्रिवेंशन (ERP), काफी मददगार हो सकती है. कुछ मामलों में डॉक्टर दवाएं भी देते हैं. इसलिए बार-बार हाथ धोने की आदत को लेकर खुद को दोष न दें और न ही बिना सलाह के दवा लें. सही समय पर विशेषज्ञ की मदद लेने से इस समस्या को नियंत्रित करने और सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है.
