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मामूली खुजली और जलन को आप भी कर देते हैं इग्नोर? इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है खतरा, जानें एक्सपर्ट की राय

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोगों को स्किन एलर्जी की शिकायत होती है. त्वचा में खुजली, जलन, लाल चकत्ते(Rashes) या छोटे-छोटे दाने होने की समस्या होती है. ज्यादातर लोग इसे नॉर्मल स्किन एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में कई लोग डॉक्टर के सलाह बिना ही दवाई या क्रीम का इस्तेमाल करने लगते है. यह समस्या कुछ दिनों के लिए राहत तो मिल जाती है, लेकिन परेशानी दोबारा शुरू हो जाती है. ऐसे में इन लक्षणों को हल्के में लेना ठीक नहीं है. अगर त्वचा पर लंबे समय तक लाल चकत्ते बने रहें और उन पर मोटी, सफेद या सिल्वर रंग की पपड़ी जमने लगे तो यह सोरायसिस (Psoriasis)  जैसी बीमारी हो सकती है. बता दें, यह एक क्रॉनिक बीमारी है, जो सिर्फ त्वचा ही नहीं, शरीर के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है. आइए जानते हैं सामान्य स्किन एलर्जी और सोरायसिस में क्या अंतर है और यह बीमारी कितनी गंभीर हो सकती है.

क्या है सोरायसिस और कैसे पहचानें इसके लक्षण?

सोरायसिस एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी है. इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम त्वचा की कोशिकाओं के सामान्य विकास चक्र को प्रभावित करता है. इसके कारण त्वचा की कोशिकाएं तेजी से बनने लगती हैं और त्वचा पर मोटी परत जमा होने लगती है.

इसके प्रमुख लक्षण हैं:

-त्वचा पर लाल और उभरे हुए चकत्ते होना.

-चकत्तों पर सफेद या सिल्वर रंग की पपड़ी जमना.

-प्रभावित हिस्से में खुजली और जलन होना.

-त्वचा का फटना और कभी-कभी खून निकलना.

-सिर, कोहनी, घुटनों और पीठ पर चकत्ते होना.

-नाखूनों में गड्ढे पड़ना या रंग बदलना.

सोरायसिस और सामान्य स्किन एलर्जी में क्या अंतर है?

सोरायसिस में त्वचा पर मोटी, लाल और पपड़ीदार परतें बनने लगती हैं. इसका असर सिर की त्वचा, नाखूनों और जोड़ों पर भी दिखाई दे सकता है. वहीं, सामान्य स्किन एलर्जी या एक्जिमा में खुजली, लालपन, सूजन, रूखापन और छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं. इसमें आमतौर पर सोरायसिस जैसी मोटी सिल्वर-सफेद पपड़ी नहीं बनती. दोनों के लक्षण कई बार मिलते-जुलते हो सकते हैं. इसलिए सही पहचान के लिए त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है.

नजरअंदाज करने से हो सकती हैं ये परेशानियां

सोरायसिस का असर केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहता. गंभीर स्थिति में दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं.

  1. जोड़ों में दर्द: कुछ मरीजों में सोरियाटिक आर्थराइटिस हो सकता है. इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या होती है.
  2. दिल की बीमारियों का खतरा: गंभीर सोरायसिस का संबंध हृदय रोगों के बढ़े हुए जोखिम से भी देखा गया है. कुछ मरीजों में मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है.
  3. गंभीर संक्रमण जैसी स्थिति: एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस में शरीर के बड़े हिस्से की त्वचा लाल होकर उतरने लगती है. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित करने और पानी का संतुलन बनाए रखने में परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है.

क्या सोरायसिस से कैंसर भी हो सकता है?

JAMA Dermatology में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण में 20 लाख से अधिक लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया. इसमें सोरायसिस के मरीजों में कैंसर का जोखिम थोड़ा बढ़ा हुआ पाया गया. खासकर त्वचा के कुछ कैंसर और लिम्फोमा के मामलों में जोखिम देखा गया. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सोरायसिस सीधे कैंसर पैदा करता है या हर मरीज को कैंसर होगा. इसके पीछे पुरानी सूजन, धूम्रपान और कुछ उपचारों जैसे कई कारण हो सकते हैं. इसलिए त्वचा पर लंबे समय तक खुजली, जलन या चकत्ते बने रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें. समय पर पहचान और सही इलाज से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है.

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