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रात में बार-बार नींद से जागना कहीं बीमारी का संकेत तो नहीं? स्लीप एक्सपर्ट से जानिए कब होना चाहिए सावधान

Rashmi Prasad  CE
Rashmi Prasad CE
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): क्या आपकी नींद रात में बार-बार खुल जाती है? क्या आप सोने के कुछ घंटे बाद अचानक जाग जाते हैं और फिर दोबारा नींद आने में काफी समय लगता है? अगर ऐसा कभी-कभार होता है तो इसकी वजह तनाव, देर रात तक मोबाइल चलाना, कैफीन या आसपास का शोर हो सकता है. लेकिन अगर हर रात बार-बार नींद टूट रही है और इसका असर अगले दिन आपकी ऊर्जा, मूड और काम करने की क्षमता पर पड़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लगातार नींद टूटना कई बार नींद से जुड़ी समस्या या किसी दूसरी स्वास्थ्य परेशानी का संकेत हो सकता है.

बार-बार नींद टूटने की क्या हो सकती है वजह?

स्लीप एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात में थोड़ी देर के लिए जागना सामान्य हो सकता है. नींद कई चक्रों में चलती है और एक चक्र से दूसरे चक्र के बीच हल्की नींद में व्यक्ति को थोड़ी जाग महसूस हो सकती है. समस्या तब होती है जब बार-बार जागने की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती. इसके पीछे तनाव और चिंता बड़ी वजह हो सकते हैं. इसके अलावा देर रात तक स्क्रीन देखना, सोने-जागने का अनियमित समय, शाम के बाद ज्यादा चाय या कॉफी पीना, शराब का सेवन, कमरे का तापमान या शोर भी नींद को प्रभावित कर सकता है.

कहीं स्लीप एपनिया तो नहीं?

अगर नींद खुलने के साथ तेज खर्राटे आते हैं, सांस रुकने या घुटने जैसा महसूस होता है, सुबह उठने पर सिरदर्द रहता है या दिनभर बहुत ज्यादा नींद आती है, तो ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसी समस्या की जांच जरूरी हो सकती है. इसमें सोते समय सांस का रास्ता बार-बार संकरा या बंद हो सकता है, जिससे नींद में बार-बार छोटे-छोटे व्यवधान आते हैं.

खास बात यह है कि कई लोगों को रात में बार-बार जागने का कारण पता भी नहीं चलता. परिवार का कोई सदस्य खर्राटे या सांस रुकने की समस्या देखकर इस बारे में बता सकता है.

बार-बार पेशाब के लिए उठना भी हो सकता है कारण

अगर रात में बार-बार नींद खुलने की वजह पेशाब जाना है, तो इसे भी लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीना इसकी सामान्य वजह हो सकती है. लेकिन अगर हर रात कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, साथ में अत्यधिक प्यास, पैरों में सूजन या दिन में भी बार-बार पेशाब आने जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.

कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ भी रात में पेशाब की जरूरत बढ़ सकती है. पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं.

कब डॉक्टर या स्लीप एक्सपर्ट से मिलें?

अगर कई हफ्तों से लगातार रात में नींद टूट रही है, दोबारा सोने में परेशानी होती है या दिनभर थकान और नींद महसूस होती है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए. खासकर तेज खर्राटे, नींद में सांस रुकना, सुबह सिरदर्द, दिन में अत्यधिक नींद, बेचैनी या लगातार थकान जैसे लक्षण मौजूद हों तो जांच जरूरी हो सकती है.

नींद की समस्या का कारण पता लगाने के लिए डॉक्टर आपकी दिनचर्या, दवाओं, मानसिक तनाव और अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी ले सकते हैं. जरूरत पड़ने पर स्लीप स्टडी जैसी जांच की सलाह भी दी जा सकती है.

अच्छी नींद के लिए इन बातों का रखें ध्यान

रात में बार-बार जागने की समस्या को कम करने के लिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें. सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें. शाम के बाद कैफीन का सेवन सीमित करें और सोने से ठीक पहले भारी भोजन से बचें. बेडरूम को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें.

अगर नींद खुल जाए तो बार-बार घड़ी देखने या मोबाइल चलाने से बचें. इसके बजाय शरीर और दिमाग को शांत रखने की कोशिश करें. सबसे जरूरी बात यह है कि कभी-कभार नींद खुलना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार रात में कई बार जागना और दिनचर्या प्रभावित होना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है. इसलिए समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या स्लीप एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है.

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