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क्या पीरियड्स में बिना डॉक्टर की सलाह लिए खा लेते हैं दवा तो हो जाएं सावधान! जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, कमर दर्द, सिरदर्द और ऐंठन जैसी समस्याएं होना आम बात है. ऐसे में कई महिलाएं और लड़कियां बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदकर खा लेती हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर बार बिना सलाह दवा लेना सही नहीं होता. गलत दवा या जरूरत से ज्यादा पेनकिलर का इस्तेमाल शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स के दौरान कब दवा लेनी चाहिए और कब डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

पीरियड्स में बिना सलाह दवा लेना क्यों हो सकता है खतरनाक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य पीरियड्स दर्द के लिए कुछ दर्द निवारक दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार दी जा सकती हैं, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक खुद से दवा लेना सुरक्षित नहीं माना जाता. कई बार अत्यधिक दर्द किसी गंभीर समस्या जैसे एंडोमेट्रियोसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉइड, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या अन्य स्त्री रोग संबंधी परेशानियों का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में केवल दर्द दबाने के बजाय उसके कारण का पता लगाना जरूरी है.

बार-बार पेनकिलर खाने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेनकिलर लेने से पेट में अल्सर, एसिडिटी, किडनी पर असर और कुछ मामलों में लीवर से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले से किडनी, लीवर, हृदय रोग या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. इसके अलावा यदि आप किसी अन्य बीमारी की दवा पहले से ले रहे हैं, तो नई दवा लेने से पहले उसके संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के बीच होने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी लेना जरूरी है.

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

अगर पीरियड्स के दौरान दर्द बहुत ज्यादा हो, लगातार कई महीनों तक बना रहे, अत्यधिक रक्तस्राव हो, चक्कर आएं, बुखार हो या सामान्य गतिविधियां करना मुश्किल हो जाए, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं. इस स्थिति में जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है ताकि सही कारण का पता चल सके और समय पर इलाज शुरू किया जा सके.

पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके

दर्द को कम करने के लिए हमेशा दवा ही पहला विकल्प नहीं होती. एक्सपर्ट्स पर्याप्त पानी पीने, हल्का व्यायाम करने, योग, गर्म पानी की सिकाई, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं. कई महिलाओं को इन उपायों से भी काफी राहत मिलती है. साथ ही तनाव कम रखना और कैफीन का अधिक सेवन न करना भी लाभदायक हो सकता है.

एक्सपर्ट की सलाह, कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क करना?

ध्यान रखें कि हर महिला का शरीर अलग होता है और पीरियड्स का अनुभव भी अलग हो सकता है. इसलिए किसी दोस्त, रिश्तेदार या सोशल मीडिया पर मिली सलाह के आधार पर दवा लेने से बचें. यदि दर्द असामान्य है या बार-बार दवा लेने की जरूरत पड़ रही है, तो स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य डॉक्टर से सलाह लें. सही समय पर विशेषज्ञ की राय लेना न केवल दर्द का सही इलाज दिला सकती है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाने में मदद कर सकती है.

नोट: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है. किसी भी दवा का सेवन शुरू करने, बदलने या बंद करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्त्री रोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें.

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