देवघर (DEOGHAR) : दिसंबर और जनवरी के महीने में देवघर एक बार फिर सैलानियों से गुलजार हो जाता है. झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं और देवघर के अलग-अलग पर्यटन स्थलों का भरपूर आनंद लेते हैं. खासतौर पर नए साल के मौके पर देवघर के प्रमुख पर्यटन स्थल लोगों से खचाखच भरे रहते हैं. देवघर की पहचान सिर्फ एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि रमणीय और खूबसूरत पर्यटन स्थल के तौर पर भी है. यही वजह है कि साल भर देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते रहते हैं. यहां आने वाले अधिकतर लोग सबसे पहले बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं और उसके बाद आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर पर निकलते हैं.
हालांकि, दिसंबर और जनवरी में यहां पर्यटकों की संख्या और भी बढ़ जाती है. झारखंड और आसपास के राज्यों से लोग छुट्टियां मनाने देवघर पहुंचते हैं. बाबा मंदिर में दर्शन के बाद सैलानी परिवार के साथ पिकनिक मनाते नजर आते हैं और देवघर की प्राकृतिक सुंदरता की जमकर तारीफ करते हैं. इन दिनों खास तौर पर त्रिकुट पर्वत पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है. हरियाली से घिरे त्रिकुट पहाड़ पर लोग मनोरम दृश्यों का आनंद लेते हुए पिकनिक मनाते दिख रहे हैं. हालांकि, त्रिकुट पहाड़ पर झारखंड का एकमात्र रोपवे अभी भी बंद है, जिससे पर्यटकों में निराशा देखी जा रही है.

गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2022 को त्रिकुट रोपवे में बड़ा हादसा हुआ था. रोप टूटने से हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 45 पर्यटक हवा में लटके रह गए थे. उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सेना की मदद ली गई थी. ‘ऑपरेशन जिंदगी’ के नाम से चला यह अभियान देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन माना गया. हादसे के बाद से ही रोपवे का परिचालन अस्थायी रूप से बंद है.
हालांकि रोपवे अभी शुरू नहीं हुआ है, फिर भी बड़ी संख्या में पर्यटक त्रिकुट पर्वत पहुंचकर वहां के प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है. त्रिकुट पर्वत समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन की ओर से इन जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है, ताकि पर्यटक बिना किसी परेशानी के देवघर की खूबसूरती का आनंद ले सकें.
रिपोर्ट-ऋतुराज सिन्हा
