रांची(RANCHI): राजधानी में जमीन का बड़ा खेल है. यहां सेना से लेकर अस्पताल और झील की जमीन को भी माफिया और अधिकारियों ने नहीं छोड़ा. आखिर में कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके बाद अब जमीन की खोज हो रही है. वह भी एक दो डिस्मिल नहीं बल्कि इस बार 36 एकड़ जमीन खोज रही है.
यह जमीन कही और की नहीं बल्कि बड़ा तालाब की है. कभी अंग्रेजों ने 53 एकड़ में झील बनाया था. लेकिन माफिया और दलाल और अधिकारियों ने गठजोड़ बना कर इसे भी बेच दिया या कब्जा कर लिया. आखिर में अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम रेस हुई और जमीन खोजने निकल गई.
बड़ा तालाब के आस पास कई घरों को चिन्हित किया गया है. कई दुकानों को नोटिस दिया गया. जिससे वह खुद उसे खाली कर दे. नहीं तो बुलडोजर का एक्शन देखने को मिलेगा. और फिर एक बस्ती वीरान हो जाएगी.
तस्वीर में दिख रहा है पूरा इलाका अतिक्रमण कर बसाया गया. कई सालों से यह सब बड़े ही मजे में थे लेकिन अब कार्रवाई होने वाली है. आने वाले कुछ दिनों में यहां भी सिर्फ मलबा और धूल बच जाएगा.
इस पूरे मामले में नगर निगम के प्रशासक संजय कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर जांच की जा रही है. तालाब की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए टीम सड़क पर है. जिन लोगों ने भी कब्जा किया जा रहा है. उन्हे नोटिस दिया जाएगा और फिर कार्रवाई होगी.
दरअसल रांची एक बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के बाद उस जमीन को घेरने का भी आदेश कोर्ट ने दिया है. जिससे दोबारा कोई कब्जा नहीं कर ले. ऐसे में अब कोर्ट के आदेश के बाद टीम एक्शन में है और देखना होगा की कितना कार्रवाई पूरे इलाके में होती है.
यहां अतिक्रमण हटाने की कोशिश कई बार हुई लेकिन विरोध का सामना करना पड़ा है. ऐसे में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के साथ टीम इस कार्रवाई को करने की तैयारी है. जैसे हाल में रिम्स की कब्जे वाली जमीन को नगर निगम में कब्जा मुक्त किया और दस एकड़ जमीन पर बने घर को जमीन डोज किया गया. जिससे पूरी बस्ती वीरान हो गई. अब फिर वैसी ही तस्वीर बड़ा तलाब के साथ साथ सुखदेवनगर में देखने को मिलेगी. साथ ही हरमु नदी की जमीन को कब्जा मुक्त भी किया जाना है.
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