देवघर : केंद्र सरकार द्वारा बीते संसद सत्र में मनरेगा को समाप्त कर VBG RAM बिल पारित किया था. इस नए बिल के बाद इसका विरोध पूरे देश स्तर पर कांग्रेस पार्टी ने शुरू कर दिया. कांग्रेस नेताओं की माने तो इस नए बिल से मजदूरों को काम का अधिकार छीन जाएगा और इससे राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ लद जाएगा. कांग्रेस नेताओं की माने तो इनका कहना है कि मनरेगा को समाप्त करने के पीछे महात्मा गांधी के नाम को समाप्त करने की साज़िश रची गई है.
मनरेगा को फिर से लागू करने को लेकर आंदोलन
मनरेगा को फिर से लागू करने को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया गया है. इसी कड़ी में आज देवघर में कांग्रेस पार्टी द्वारा उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया. स्थानीय टावर चौक के समीप स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपवास पर बैठे. इस कार्यक्रम में जिला के नेता कार्यकर्ता के अलावा मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख और झारखंड विधानसभा में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव शामिल हुए .
सफल नहीं होने देगी साजिश
प्रदीप यादव ने बताया कि जिस तरह भाजपा की सरकार नाम मिटाने की साजिश कर रही है उनका साजिश कांग्रेस सफल नही होने देगी. इन्होंने कहा कि जबतक फिर से मनरेगा लागू नही होती कांग्रेस केंद्र सरकार की नींद खराब करती रहेगी.
बादल ने कहा कि राम आराध्य है
प्रदीप यादव ने कहा इस नए बिल से झारखंड पर अतिरिक्त 6 हज़ार करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा.वही पूर्व मंत्री बादल ने कहा कि जिस तरह किसान बिल लाने के डेढ़ साल बाद फिर वापस लिया ठीक उसी तरह VBG RAM बिल को वापस लेने की केंद्र की मजबूरी हो जाएगी. बादल ने कहा कि राम आराध्य है इनके नाम पर राजनीति नही होनी चाहिए लेकिन नए बिल से मजदूरों की रोजी रोटी छिनने की कोशिश कांग्रेस बर्दाश्त नही करने वाली है.
रिपोर्ट रितुराज सिन्हा
