धनबाद (DHANBAD): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) प्रबंधन के खिलाफ राष्ट्रीय जनता कामगार संघ ने शुक्रवार को कोयला भवन के मुख्य गेट पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान संघ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया.
धरने के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन रोजगार मेला के नाम पर मृत श्रमिकों के आश्रितों की नियोजन फाइलों को जानबूझकर लंबित रख रहा है. उनका आरोप है कि यह देरी निजी आर्थिक लाभ के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे मृत श्रमिकों के आश्रितों को लंबे समय तक मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
संघ नेताओं ने बताया कि पहले मृत श्रमिक की मृत्यु के बाद नियोजन प्रक्रिया पूरी होते ही आश्रितों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से प्रबंधन ने इस व्यवस्था को बदलकर रोजगार मेला शुरू कर दिया है. इसके कारण नियोजन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आश्रितों को नियुक्ति पत्र पाने के लिए तीन से चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है.
उन्होंने यह भी कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड, कोलकाता द्वारा जारी एसओपी के अनुसार मृत श्रमिकों के आश्रितों को 84 दिनों के भीतर नियोजन दिया जाना चाहिए. लेकिन बीसीसीएल प्रबंधन इस नियम का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है. कई मामलों में नियोजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आश्रितों को महीनों अतिरिक्त प्रतीक्षा करनी पड़ रही है.
संघ ने मांग की कि बीसीसीएल प्रबंधन बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली को बंद करे और मजदूरों की कल्याणकारी योजनाओं पर गंभीरता से ध्यान दे. चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कोयला भवन का मुख्य गेट इसी तरह जाम रखा जाएगा.
रिपोर्ट: नीरज कुमार
