रांची(RANCHI): झारखंड पुलिस में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बोकरो में हुई. जब पुलिस अधीक्षक ने कार्य में लापरवाही बरतने पर पूरे थाना को सस्पेंड कर दिया. एक साथ 28 पुलिस कर्मी के निलंबन से महकमे में हड़कंप मचा है. यह कार्रवाई पुष्पा हत्याकांड की जांच में लापरवाही बरतने पर की गई है. जिसमें पुलिस अधीक्षक ने जांच में पाया की अभियुक्त को बचाने की कोशिश थाना कर रहा था. पुलिस उपाधीक्षक की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई.
बता दे कि शनिवार को बोकारो के चाकुलिया पंचायत के मधुताण्ड जंगल से 9 माह से लापता पुष्पा कुमारी महतो का कंकाल मिला. जिसके बाद पुलिस ने इसकी जांच तेज की.जानकारी मिली की 18 साल की पुष्पा की हत्या की गई. कॉलेज के प्रेमी ने इसे जंगल की ओर लेजाकर चाकू मारा और फिर जंगल में ही शव को ढक कर फरार हो गया. और आराम से घूमता रहा. जब जंगल में कुछ स्थानीय लोग पहुंचे उन्हे कंकाल दिखा तो पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की है.
बता दे कि पुष्पा कुमार के लापता होनी की सूचना परिजन की ओर से 27 जुलाई को पिंडराजोरा थाना में बेटी के लापता होने की जानकारी दी गई. जिसके बाद इस कांड की जिम्मेवारी अधिकारियों को दी गई. लेकिन पुलिस ने पूरे मामले को दबाने की कोशिश की. यही वजह है कि 9 माह बाद उसके कंकाल को बरामद किया गया.
इस कांड में बोकारो एसपी ने शनिवार देर शाम खुलासा किया.जिसमें बताया कि पूरे मामले में पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आई है. जिसके बाद सभी को निलंबित किया गया है. एसपी ने बताया कि पुलिस अवर निरीक्षक 10, सहायक पुलिस अवर निरीक्षक 05 हवलदार 02 और आरक्षी 11 को निलंबीर किया गया है.
पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया कि आरोपी को बचाने की कोशिश पुलिस कर्मियों ने की है. जिससे पुलिस की छवि धूमिल हुई. आरोपी के साथ पुलिस कर्मियों ने पार्टी की है. कई लेन देन किया गया. और जांच को अलग दिशा में ले जाने की कोशिश की गई. जिससे मामला 9 माह तक पेंडिंग रहा है. आखिर में अब कार्रवाई की गई. साथ ही आरोपी को जेल भेज दिया है.
बता दे कि इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था. जिसके बाद DGP और बोकारो एसपी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया. जिसके बाद सीआईडी और बोकारो पुलिस ने जांच तेज की थी. और आखिर में बच्ची का कंकाल बरामद किया गया.