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झारखंड में बढ़ती बिजली की चोरी सरकार के लिए बनी सिरदर्द, निगम को उठाना पड़ रहा करोड़ों का नुकसान

झारखंड में बढ़ती बिजली की चोरी सरकार के लिए बनी सिरदर्द, निगम को उठाना पड़ रहा करोड़ों का नुकसान

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक विकास से बिजली की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है. राज्य में नए उद्योग आवासीय कॉलोनियां और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से बिजली की खपत कई गुना बढ़ गई है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) बिजली उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी कर रहा है और अलग-अलग क्षेत्रों में नए पावर प्लांट भी लगाए गए हैं. हालांकि उत्पादन और आपूर्ति बढ़ने के साथ-साथ बिजली चोरी की समस्या भी गंभीर रूप लेती जा रही है. जिससे निगम को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. 

बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने हाल ही में दो-दिवसीय विशेष छापेमारी अभियान चलाया. इस अभियान के तहत रांची, गुमला, जमशेदपुर, चाईबासा समेत राज्य के कई संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई. जांच के दौरान अवैध कनेक्शन मीटर से छेड़छाड़ और बायपास लाइन के कई मामले सामने आए. कार्रवाई के बाद कुल 1,161 उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.

छापेमारी के दौरान हुई जांच में लगभग 17.20 लाख यूनिट बिजली चोरी होने की आशंका जताई गई है. जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा बिजली चोरी में उपभोक्ताओं पर नियमों के तहत लगभग 2 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.  

बिजली चोरी का असर सिर्फ निगम के राजस्व तक सीमित नहीं रहता. बल्कि इसका सीधा प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है. जब बिजली चोरी बढ़ती है. तो वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसका नतीजा बिजली कटौती, अनियमित आपूर्ति,  लो वोल्टेज और समय पर बिलिंग न होने जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है. ईमानदार उपभोक्ताओं को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. 

बिजली चोरी रोकने और उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार राज्यभर में स्मार्ट मीटर लगा रही है. स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली की खपत का सही और आंकड़ा मिल सके. उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिजली की खपत देख सकते हैं. जिससे वे अनावश्यक बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकें और बिजली की बचत भी कर सकें. स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए किसी भी प्रकार के अवैध कनेक्शन,  मीटर से छेड़छाड़ या बिजली चोरी का तुरंत पता चल जाता है.

रिपोर्ट : वर्षा वर्मा

Published at: 30 Dec 2025 05:28 PM (IST)
Tags:jharkhandjharkhand bijli vibhagjbvnljbvnl newslatest newsbig updatelatest update
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